‘लंपी स्किन डिजीज’ को लेकर मचा हड़कंप, 17 जिलों में दे चुका दस्तक

राजस्थान में इस वक्त ‘लंपी स्किन डिजीज’ को लेकर हड़कंप मचा हुआ है. यह एक वायरल डिजीज है, जो पशुओं में फैल जाती है. अब तक राजस्थान में हजारों पशु इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं. राजस्थान के 17 जिलों में अब लंपी वायरस गाय-भैंसों में फैल गया है. 4296 गौवंश की मौत हो चुकी हैं. पश्चिमी राजस्थान के 10 जिलों से बढ़कर 7 और जिलों में यह वायरस अब फैल गया है. इनमें राजधानी जयपुर जिले के साथ ही अजमेर, उदयपुर, कुचामन सिटी, सीकर, झुंझुनूं, चूरू शामिल हैं. पशुपालन मंत्री लालचन्द कटारिया ने पशुओं के ट्रांसपोर्टेशन पर अगले 1 महीने के लिए रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही प्रभावित जिलों में पशु मेलों पर रोक लगाने पर विचार करते हुए सभी जिला कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी गई है. माना जा रहा है जल्द ही आदेश जारी हो सकते हैं.

मुख्य सचिव लगातार ले रही बैठक

प्रदेश की मवेशियों में तेजी से फैल रही लम्पी स्कीन डिजीज को लेकर मुख्य सचिव उषा शर्मा लगातार बैठकें ले रही है. बुधवार को हुई बैठक में एक बार फिर लम्पी वायरस के फैलाव, उपचार के प्रयास और रोकथाम के उपायों की समीक्षा की गई. कृषि और पशुपालन विभाग के सचिव पीसी किशन ने बताया कि आपातकालीन दवाओं की खरीद करने के लिए संभाग स्तरीय अजमेर, बीकानेर और जोधपुर के कार्यालयों को 8 से 12 लाख रुपए का बजट जारी कर दिया गया है. साथ ही प्रभावित जिलों को 2 से 8 लाख रुपए का अतिरिक्त बजट दिया जा रहा है. ताकि जिला प्रशासन आवश्यकता अनुसार इस राशि का उपयोग कर सके. जेनरिक के साथ ब्रांडेड दवाएं खरीदने का निर्णय भी जिला प्रशासन अपने स्तर पर ले सकेंगे.

जयपुर की हिंगोनिया गौशाला तक फैली लम्पी

इधर, यह संक्रमित बीमारी जयपुर की हिंगोनिया गौशाला तक फैल चुकी हैं. जयपुर की हिंगोनिया गौशाला में 164 गायें लंपी वायरस डिजीज से संक्रमित हैं. जबकि सरकारी रिकॉर्ड में जयपुर जिले में कुल 282 गाय और गौवंश इंफेक्टेड बताए गए हैं. इनमें से 9 की मौत हो गई है. 236 का इलाज किया जा रहा है, इनमें 108 गौवंश रिकवर हो गए हैं.

संक्रमित मवेशियों को अलग बाड़े में आइसोलेट करने के निर्देश
प्रभावित जिलों के लिए राज्य सरकार ने अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर दिया गया है. 29 पशु चिकित्सकों और 53 पशुधन सहायकों को प्रभावित जिलों में भेजा गया है. संक्रमित पशुओं के उपचार और प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए 30 अतिरिक्त वाहनों की स्वीकृति जारी की गई है. सरकार ने जिला कलेक्टर्स को छूट दी है कि वे अपने स्तर पर किराए के वाहन उपयोग में ले सकते हैं. प्रभावित जिलों पर लम्पी वायरस के हालातों की समीक्षा के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है. ये नोडल अधिकारी जिलों के दौरों पर निकल गए हैं.

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