कांग्रेस के शिविर से पहले पायलट बोले- युवाओं की भूमिका के मुद्दे पर भी होगा मंथन

The Fact India: मेवाड़ की धरती से कांग्रेस चुनाव की रणनीति का आगाज करने जा रही है. 13 मई से उदयपुर में कांग्रेस के दिग्गज देश भर से जुटेंगे. चिंतन मनन का दौर चलेगा. और आगे की रणनीति तय होगी. लिहाज ऐसे में मेजबानी के लिए राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता पहले ही उदयपुर पहुंच गए हैं. लेकिन उससे पहले पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का बड़ा बयान (Pilot On Camp) सामने आया है. पायलट ने कहा कि पार्टी में युवाओं की भूमिका के मुद्दे पर भी मंथन होगा. पायलट ने उम्मीद जताई कि कांग्रेस नौजवानों को मौका देगी. और युवा पीढ़ी को राजनीति की अग्रिम पंक्ति में लाकर खड़ा करेगी.

पायलट (Pilot On Camp) ने कहा कि पार्टी का चिंतन शिविर सही समय पर हो रहा है. देश में असल मुद्दों पर राजनीति नहीं हो रही है. चिंतन शिविर में देश के आर्थिक सामाजिक किसानों के मुद्दे पर चर्चा होगी. शिविर के माध्यम से देश की सरकार से सवाल पूछे जाएंगे.

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पायलट ने आगे कहा कि शिविर में आने वाले डेलिगेट्स में आधे लोगों की उम्र 40 साल से कम होगी. पार्टी में युवाओं की भूमिका के मुद्दे पर भी मंथन होगा. कांग्रेस चिंतन शिविर की तैयैरिया जोरों से चल रही है. हम आपको बता दें कि 3 से 15 मई तक उदयपुर में होने वाले कांग्रेस के चिंतन शिविर के चलते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार से 6 दिन उदयपुर में ही रुकेंगे. सीएम गहलोत 16 मई तक उदयपुर में ही कैंप करेंगे. इस शिविर में कांग्रेस के देशभर के 400 नेता जुटेंगे और इस बात पर मंथन करेंगे कि पार्टी को फिर से कैसे खड़ा किया जाए, और कैसे देशभर में कांग्रेस की वापसी हो पाए.

पायलट ने कहा कि शिविर में चर्चा के बाद युवाओं और बेरोजगारों के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार होगा. भाजपा स्पष्ट बहुमत के बाद भी जनता के प्रति अपना फर्ज नहीं निभा पाए, इसलिए कांग्रेस मजबूत विपक्ष की भूमिका में उतरेगा. राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने और जनता का भरोसा जीतने के लिए कांग्रेस को और मजबूत किया जाएगा.

पायलट ने कहा कि शिविर में खास बात यह है कि करीब आधे प्रतिनिधि 40 साल से कम उम्र के हैं. पूरे देश भर से आए इन युवा नेताओं से ग्राउंड रिपोर्ट लेकर कॉन्ग्रेस आगामी रणनीति तैयार करेगी. इस शिविर के बाद पार्टी जल्द ही देश में संगठनात्मक बदलाव करेगी. हम सब मिलकर एक नई ऊर्जा के साथ आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए मजबूती से काम करेंगे.