चिंतन शिविर के बीच पंजाब कांग्रेस के पूर्व चीफ का इस्तीफा, बड़े नेताओं पर जमकर बोला हमला

The Fact India: राजस्थान की धरा पर चली रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर के बीच पार्टी के लिए बड़ी चिंता की खबर सामने आई है. कांग्रेस उदयपुर में नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी दूर करने की कोशिशों में जुटी हुई है.. लेकिन उससे पहले पडोसी सूबे से एक कांग्रेस के लिए के बुरी खबर सामने आई है. पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने कांग्रेस से इस्‍तीफा दे दिया है.

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दरअसल जाखड़ कहते हैं कि कांग्रेस नेतृत्व चापलूसों से घिरा हुआ है. जाखड़ ने कहा कि आज मुझे उदयपुर में कांग्रेस की हालत देख तरस आ रहा है। कितने नेता चीयरलीडर्स और कितने कड़वी और सच्ची बात कहेंगे? जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस का चिंतन शिविर सिर्फ एक फॉर्मेलिटी से ज्यादा कुछ नहीं है. जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस को उम्मीद थी कि उत्तराखंड और पंजाब के अंदर पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी. यहां कांग्रेस की सरकार बनेगी. ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने पूछा कि क्या कोई बताएगा कि उत्तराखंड के CM प्रत्याशी हरीश रावत का एक पैर पंजाब और दूसरा देहरादून में था, क्या सोचकर रावत को प्रभारी बनाकर भेजा गया? क्या रावत की मंशा थी कि हम तो डूबे सनम और तुमको भी ले डूबेंगे.

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आपको बता दें कि सुनील जाखड़ की तीसरी पीढ़ी कांग्रेस में है. इस बार उनके भतीजे संदीप जाखड़ कांग्रेस से विधायक बने हैं. टकसाली कांग्रेसी होने के बावजूद वह हाईकमान की उपेक्षा से नाराज रहे. जाखड़ को हाल ही में चुनाव के दौरान बयानबाजी पर नोटिस भेजा गया. जाखड़ का कहना है कि नोटिस भेजने से पहले कांग्रेस हाईकमान को उनसे बात करनी चाहिए थी. इसी वजह से उन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया. जाखड़ ने स्पष्ट कर दिया कि वह कांग्रेस हाईकमान के आगे नहीं झुकेंगे.