जयपुर में बढ़ा श्वानों का आतंक, 2 दिन में 12 से अधिक बच्चों पर हमला

The Fact India: जहाँ एक तरफ राजस्थान डेंगू के मच्छर को खत्म करने और शहर की सफाई व्यवस्था को स्वस्थ रखने में विफल रहा,  वहीं अब जयपुर शहर में निगम की एक और असफलता सामने आयी है. यहाँ लावारिस श्वानों (Abandoned Dogs) का आतंक बढ़ता जा रहा है लेकिन नगर निगम कोई हल नहीं निकाल पा रहा है. दरअसल सांगानेर पुलिया के पास पंचवटी कॉलोनी में 2 दिन में श्वानों ने 12 से अधिक बच्चों पर हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया है. लोगों ने ग्रेटर नगर निगम के अफसरों को शिकायत भी की लेकिन बुधवार रात तक भी कुछ नहीं किया गया. इसके बाद लोगों को खुद ही लाठियां लेकर रात को गश्त करना पड़ रहा है.

परिजन चीख सुनकर बाहर आए तो देखा- श्वान नोंच रहे थे

सांगानेर के वार्ड 95 में स्थित पंचवटी कॉलोनी में कंवर का बाग के रहने वो हनुमान सैनी ने बताया कि, उनकी 11 साल की बेटी घर के बाहर खड़ी थी. तभी श्वानों ने उस पर हमला कर दिया. बच्ची की चीखें सुन जब वो बाहर आए तो देखा कि श्वान उसे जगह-जगह से काट रहे थे. उसे जैसे-तैसे छुड़ाया तो कुछ देर बाद ही अगली गली में ट्यूशन पढ़कर लौट रही 10 साल की बच्ची पर श्वानों ने हमला कर दिया. इसके बाद दोनों का इलाज कराया.

शिकायतों का कोई असर नहीं 

लोगों ने बताया कि पंचवटी,  गायत्री नगर,  गुलाब विहार आदि में श्वानों का आतंक बढ़ता जा रहा है. दो दिन में 12 से अधिक बच्चों को काट चुके हैं. इनमें से अधिकतर का जयपुरिया अस्पताल में उपचार कराया गया. ग्रेटर निगम मुख्यालय में ऑनलाइन शिकायत दी. अफसरों,  पार्षद,  निगम के जोन कार्यालय में बताया लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई.

इसके अलावा मानसरोवर के गणेश नगर में भी 2 साल पहले श्वानों ने कई लोगों को काटा था. घायल बच्चे छोटू की अस्पताल में मौत हो गई थी. गणेश नगर में ही इस्कॉन रोड निवासी दक्ष को श्वानों ने इतना नोंचा कि 70 घाव हो गए. उसके 60 टांके आए और 15 दिन अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था.

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निगम को हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार

शहर में श्वानों और लावारिस पशुओं को पकड़ने में नाकाम रहने पर नगर निगम को हाईकोर्ट फटकार लगा चुका है. लेकिन अब तक शहर में लावारिस पशुओं को लेकर पॉलिसी भी अब तक नहीं बनी. अब तक 40 हजार श्वानों का वैक्सीनेशन, बधियाकरण हुआ है. हालाँकि शहर में 2 लाख स्ट्रीट डॉग बताए जाते हैं लेकिन नगर निगम के पास इसका पुख्ता रिकॉर्ड उपलब्ध ही नहीं है.