Ankit Gurjar : अंकित गुर्जर मौत मामले पर अब गिरेगी तिहाड़ जेल अधिकारियों पर गाज

The Fact India : अंकित गुर्जर (Ankit Gurjar) मौत मामले में आखिरकार दिल्ली की तिहाड़ जेल के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों गाज गिरना तय माना जा रहा है. दरअसल खबरें मिल रही है कि तिहाड़ जेल के कैदी अंकित गुर्जर की मौत के मामले में दो उपाधीक्षकों और सात अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. इनमें नौ जेल अधिकारियों में दो सहायक अधीक्षक, तीन हेड वार्डर और दो वार्डर भी शामिल हैं. अंकित की मौत की विभागीय जांच में कुछ जेल कर्मचारियों की ओर से लापरवाही पाई गई थी. उक्त मामले की डीआईजी जांच में ये साफ हुआ है. 

जेल के डीआईजी संदीप गोयल के मुताबिक, जांच में लापरवाही बरतने वाले नौ कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. इनमें से चार को पहले ही निलंबित कर दिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक जेल के डॉक्टरों की लापरवाही की रिपोर्ट दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी. 

बता दें कि अंकित गुर्जर (Ankit Gurjar) 4 अगस्त को तिहाड़ जेल में अपने सेल के अंदर मृत पाया गया था जबकि उसके दो पूर्व साथी बगल के लॉकअप में घायल पाए गए थे. इसके बाद परिवार ने अदालत में दायर एक याचिका में गुर्जर को जेल अधिकारियों द्वारा परेशान करने का आरोप लगाया था. परिवार का आरोप था कि गुर्जर पुलिस द्वारा मांगे जा रहे पैसों की मांग को पूरा करने में असमर्थ था ऐसे में उनकी पूर्व नियोजित साजिश के द्वारा हत्या कर दी गई. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने गुर्जर को लगी चोट की प्रकृति को देखते हुए हिरासत में हिंसा का मामला बताया था.

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पुलिस की शुरूआती जांच में पाया गया था कि गैंगस्टर द्वारा एक उपाधीक्षक को थप्पड़ मारने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने गुर्जर के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी. तिहाड़ के अधिकारियों ने पहले कहा था कि तीनों कैदी 3 अगस्त की रात तक एक ही सेल में बंद थे, उनके सेल के बाहर से एक मोबाइल फोन मिलने के बाद जेल कर्मचारियों के साथ उनका झगड़ा हुआ था. इसके बाद गुर्जर को दूसरे सेल में स्थानांतरित कर दिया गया था और इसी सेल से गुर्जर का शव बरामद हुआ था.

घटना के बाद से उपाधीक्षक सहित जेल के चार अधिकारियों को  लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया था और आठ अन्य को सेंट्रल जेल नंबर 3 से स्थानांतरित कर दिया गया था. वहीं इस घटना के बाद से दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक 28 वर्षीय व्यक्ति सतेंदर उर्फ सत्ते को गिरफ्तार किया था. सतेंदर गुर्जर की मौत का बदला लेने के लिए एक वरिष्ठ जेल अधिकारी को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहा था. सत्ते ने अपने सहयोगी से तिहाड़ जेल के एक उपाधीक्षक को खत्म करने के लिए एके-47 राइफल खरीदने को कहा था. इसे लेकर एक ऑडियो भी वायरल हुआ था.