Karoi : क, ख, ग, घ, ण सीखने की उम्र में बच्चों की नज़र राहु-केतु पर है

The Fact India : जब बच्चों का स्कूल में एडमिशन करवाया जाता है तो बच्चा ABCD या क,ख,ग से अपनी एजुकेशन की शुरुआत करता है, लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सोचा कि एक ऐसा गांव है जहां के बच्चे बच्चे सूर्य, चंद्र और ग्रहों की चाल समझते है। गणित का इस्तेमाल 2 + 2 = 4 के लिए नहीं बल्कि भविष्य बताने के लिए करते है। जी हां जिस गांव में बच्चों से लेकर बड़े तक तो ज्योतिष ज्ञान है, उस गांव का नाम है करोई (Karoi)। ये भीलवाड़ा से 25 किलोमीटर दूर है। यहां के बच्चों को स्कूल एजुकेशन के अलावा ज्योतिष विद्या का ज्ञान भी उनके बचपन से रहता है। जहां बचपन से ही बच्चों को ज्योतिष विद्या का ज्ञान दे दिया जाता है, कुंडली बनाने से लेकर भविष्य देखने तक बच्चें किसी काम में पीछे नहीं है जब हर गली नुक्कड़ पर भविष्य बताने का दावा करने वाले मिल जाते हैं तो हज़ारों की आबादी वाले गांव में भविष्य जानने के लिए दुनियाभर से लोग आते है।

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राज नेताओं से लेकर बड़े – बड़े बिजनसमैन यहां (Karoi) अपना फ्यूचर जानने के लिए पहुंचते है। सूत्रों का कहना है कि करोई में पहले सामान्य रूप से पंचांग देख कर ही भविष्य बताया जाता था। वृन्दावन से 70 साल पहले एक पंडित भगवत करने आये थे। उन्होंने नाथूलाल व्यास को ज्योतिषी विद्या के भृंगु संहिता शास्त्र के बारे में बताया। उनसे सीखकर नाथूलाल भृंगु विद्या से ज्योतिषी करने लगे, उनके परिवार के अन्य लोगों ने ये विद्या सीखी। प्रतिभा पाटिल के राष्ट्रपति बनने की भविष्यवाणी करने के बाद वो काफी प्रसिद्ध हो गए।

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