ड्रॉपआउट छात्राओं के लिए उम्मीद की किरण बनी भाग्यश्री सैनी

The Fact India: समाज में असहाय लोगों की जिंदगी में रोशनी भरने का काम करना हर किसी के वश की बात नहीं होती. अगर नेक काम करने के साथ गरीब परिवार के बच्चों की शिक्षा (Girl Education) का बीड़ा उठाया जाए तो सभ्य समाज में इससे बड़ा उदाहरण कोई और हो ही नहीं सकता है. इसकी जीती-जागती तस्वीर हैं. जयपुर की रहने वाली भाग्यश्री सैनी की.

भाग्यश्री सैनी जो कि अपनी प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारी के साथ साथ उन गरीब परिवारों की छात्राएं जो स्कूल की नियमित पढ़ाई छोड़ चुकी शास्त्री नगर, लंकापुरी और रामगंज की रहने वाली खासतौर पर उन मुस्लिम छात्राओं को गोद लेकर या किसी अन्य तरीके से ऑनलाइन पढाकर उनकी जिंदगी को रोशन कर रही है.

सरकार ने माना जयपुर के आस पास फल-फूल रहा मादक पदार्थों का अवैध कारोबार

भाग्यश्री सैनी गुजरात की स्वाति सुतरिया वुमन के संगठन के सहयोग से प्रतिदिन छात्राओं को ऑनलाइन पढाती है. खास बात यह है कि वह इसके बदले कुछ नही लेती है. वर्तमान में करीब 150 छात्राएं इनके पास नियमित रूप से पढ़ाई कर रही है. इस बार गुजरात की स्वाति सुतारीया के एनजीओ “वुमन प्लेनेट” के सहयोग से ऐसी ड्रॉपआउट छात्राओं (Girl Education) के लिए 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अनसंग स्टार्स अभियान की शुरूआत कर रही है.

ब्लॉगर भाग्यश्री सैनी ने बताया कि स्वाति सुतारीया वुमन प्लेनेट की हेड व नाभि सूत्र ब्रांड की ओनर हैं. भाग्यश्री सैनी ने बताया कि अनसंग स्टार्स अभियान के तहत राजस्थान के अजमेर, डूंगरपुर, जयपुर, उदयपुर, बासवांडा, जालोर में ड्रापआउट छात्राओं के लिए कार्य किया जाएगा.