राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी में निकलेगी बंपर भर्ती, साल 1999 के नियम बदलेंगे

The Fact India: राजस्थान में अब तेजी से सरकारी नौकरी के अवसर भी अनलॉक हो रहे हैं. प्रदेश में अब जल्द ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खाली पड़े पदों को भरने कि कवायद शुरू होगी. इसकी घोषणा आज शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने विधानसभा में की. जिसके बाद अब प्रदेश में जल्द ही चतुर्थ श्रेणी (School Peon) के खली पड़े 18,381 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी. हालांकि उससे पहले शैक्षणिक योग्यता के नियमों में तबदीली की जाएगी.

कांग्रेस विधायक हाकम अली के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी (School Peon) कर्मचारी के 25,859 पद मंजूर हैं. इनमें से 18,381 पद खाली पड़े हैं. खाली पदों पर भर्ती के लिए कई बार लिखा गया था. वित्त विभाग की मंजूरी नहीं मिली थी. इस वजह से भर्ती नहीं हो सकी. बीजेपी राज में भी चपरासी के खाली पदों पर भर्ती के लिए प्रयास हुआ, लेकिन वित्त विभाग ने मंजूरी नहीं दी.

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सदन में डोटासरा ने बताया कि 1999 के नियम के मुताबिक चपरासी के लिए शैक्षणिक योग्यता पांचवीं पास रखी गई है. अब इन नियमों में बदलाव की जरूरत है. पांचवीं पास युवा बहुत से हैं. इस आधार पर केवल साक्षात्कार से भर्ती पर सवाल उठेंगे. इसलिए नियमों में बदलाव जरूरी है.

सोमवार को ही वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अखिल अरोड़ा से स्कूलों में खाली पड़े चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर बात हुई है. वित्त विभाग ने मौजूदा नियमों में संशोधन करने को कहा है. जल्द ही शिक्षा विभाग नियमों में संशोधन करेगा. इसके लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है. खाली पदों पर जल्द भर्ती का प्रयास किया जाएगा. मुख्यमंत्री से आग्रह करके खाली पदों पर भर्ती करवाएंगे. 2018 के सर्कुलर के मुताबिक स्कूलों में रिटायर्ड चपरासी की सेवाएं ली जा सकती है, लेकिन इसमें बहुत कम लोग लगे हैं, स्थायी भर्ती से ही काम होगा.