कोरोना ने तोड़ी सरकार की आर्थिक कमर, हर व्यक्ति पर 50 हजार का कर्ज

The Fact India: कोरोना ने ना सिर्फ आम जनता की बल्कि सरकार की भी हालत खस्ता कर रखी है. कोरोना में प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार की भी माली हालत खस्ता (Debt) हो गई है. पिछले छह महीने में प्रदेश का राजस्व घाटा 27,858 करोड़ रुपए पहुंच गया है.

कोरोना के चलते लगे लॉक डाउन के दौरान सरकार ना सिर्फ राजस्व घटा हुआ बल्कि कोरोना के चलते सरकार के खर्चे भी बढ़ गए. हालांकि अनलॉक के बाद जरूर सरकार के खजाने में धीरे धीरे बढ़ोतरी दर्ज हो रही है. लेकिन अब भी प्रदेश के हर व्यक्ति पर 50 हजार रूपये का कर्ज आ गया है.

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प्रदेश पर 3.79 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ चुका है. यानि 7.5 करोड़ की कुल आबादी के हिसाब से अनुमान लगाया जाए तो प्रदेश के हर व्यक्ति पर 50533 रुपए का कर्ज चढ़ा हुआ है. यह आंकड़े गहलोत सरकार ने मंगलवार को अपनी वित्तीय सेहत की छमाही रिपोर्ट सार्वजनिक की है.

*कई महीने लंबे चले लॉक डाउन के चलते कारोबार ठप पड़ गए है. इससे सरार के राजस्व को नुक्सान हुआ है.
*केंद्रीय कर 17101 करोड़ के मुकाबले 15541 करोड़ रुपये मिल पाया. इससे भी आर्थिक हालात बिगड़ गई.
*राज्य सरकार के अपने कर राजस्व में 32% की गिरावट रही.
*कोरोना के चलते हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर आर्थिक मदद बढ़ाई गई. जिससे सरकार पर भार बढ़ा.