पिता की चिता में बेटी ने लगाई छलांग:70% तक जली अस्पताल में लड़ रही जिंदगी की जंग

Barmer District

The Fact India: पूरे हिन्दुस्तान में कोरोना का कहर लगातार जारी है कुछ लोग कोरोना से मर रहे है इस दौरान कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं कि उन्हें देख और सुनकर शरीर सुन्न हो जाता है. ऐसी ही एक घटना हुई है पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले (Barmer District) में जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. यहां कोरोना संक्रमण से अकाल मौत के शिकार हुये पिता की मौत से उसकी बेटी इतनी आहत हो गई वह पिता की जलती चिता में कूद पड़ी. आनन-फानन में उसे चिता से बाहर निकाला गया. लेकिन तब तक वह करीब 70 फीसदी तक जल चुकी थी. उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.

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बाड़मेर के रॉय कॉलाेनी में रहने वालेे 65 वर्ष के दामोदर शादरा कोरोना पॉजिटिव थे। उन्हें उनकी बेटियों ने बाड़मेर राजकीय अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां उनका इलाज चल रहा था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बेटियों के लिए यह संकट का समय है, क्योंकि उनके हर संघर्ष के साथी, पिता अब नहीं रहे थे।

अचानक दामोदर दास की 30 साल की बेटी चंद्रा शारदा ने जलती चिता में छलांग लगा दी. यह देखकर वहां मौजूद अन्य परिजनों के हाथ पांव फूल गये. लेकिन चन्द्रा की बड़ी बहिन 35 वर्षीय पिंकी उसे चिता से निकालने में जुट गई. लेकिन जब तक चन्द्रा को चिता से निकाला गया तब तक वह 70 फीसदी से अधिक जल चुकी थी.

घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस अस्पताल के आपातकालीन वार्ड पहुंची. यहां पर चिकित्सकों से घायल के बारे में जानकारी ली. शहर वृताधिकारी आनंद सिंह ने बताया कि घायल युवती बयान देने की स्थिति में नहीं है. ऐसे में उसके ठीक होने का इंतजार किया जा रहा है. बहरहाल घायल युवती का बाड़मेर के राजकीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार कर उसे जोधपुर रैफर कर दिया गया है.