बंगाल के रण में अकेली पड़ी दीदी, वहीं राजनीतिक वार- पलटवार चरम पर

CM Mamata Banerjee
CM Mamata Banerjee

The Fact India: टीएमसी ने बुधवार को वाम मोर्चा और कांग्रेस से बीजेपी की ‘सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी’ राजनीति के खिलाफ लड़ाई में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) का साथ देने की अपील की है. हालांकि, दोनों दलों ने इस सलाह को सिरे से खारिज कर दिया है. वहीं कांग्रेस ने इस सलाह के बाद टीएमसी को पेशकश की है कि वह बीजेपी के खिलाफ लड़ाई के लिए गठबंधन बनाने के स्थान पर पार्टी में विलय कर ले.

भाजपा ने टीएमसी पर बोला बड़ा हमला
राज्य में मजबूती से उभर रही बीजेपी का कहना है कि टीएमसी की यह पेशकश दिखाती है कि वह पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में होने वाले संभावित विधानसभा चुनावों में अपने दम पर भगवा पार्टी का मुकाबला करने का सामर्थ्य नहीं रखती है.

ममता धर्मनिरपेक्ष का चेहरा: टीएमसी सांसद
टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने कहा कि अगर वाम मोर्चा और कांग्रेस वास्तव में बीजेपी के खिलाफ है तो उन्हें भगवा दल की सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लड़ाई में ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) का साथ देना चाहिए. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ही बीजेपी के खिलाफ धर्मनिरपेक्ष राजनीति का असली चेहरा हैं.

कांग्रेस ने किया ममता को ये ऑफर
टीएमसी के प्रस्ताव पर राज्य कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने प्रदेश में बीजेपी के मजबूत होने के लिए सत्तारूढ़ दल को जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि हमें टीएसी के साथ गठबंधन में कोई दिलचस्पी नहीं है. पिछले 10 सालों से हमारे विधायकों को खरीदने के बाद टीएमसी को अब गठबंधन में दिलचस्पी क्यों है. अगर ममता बनर्जी बीजेपी के खिलाफ लड़ने की इच्छुक हैं तो उन्हें कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए, क्योंकि वही सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई का एकमात्र देशव्यापी मंच है.