कांग्रेस संगठन में ​नियुक्तियों को लेकर दिल्ली में हुई डोटासरा-पायलट की बैठक

Dotasra-pilot meeting

The Fact India: गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब कांग्रेस संगठन में ​खाली पड़े पदों पर नियुक्तियों के लिए काम शुरू हो गया है। कांग्रेस संगठन की नियुक्तियों में भी सचिन पायलट कैंप के नेताओं को ठीक संख्या में जगह मिलेगी। संगठन में नियुक्तियों में भी शेयरिंग फॉर्मूला लागू होगा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सचिन पायलट के बीच बुधवार को दिल्ली में इस मामले को लेकर बैठक (Dotasra-pilot meeting) हुई है। पायलट समर्थकों को संगठन में नियुक्तियां देने के फाॅर्मूले पर चर्चा हुई है। इन्हें प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक पदाधिकारी बनाया जाएगा।

दिल्ली में सचिन पायलट और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा के बीच लंबी (Dotasra-pilot meeting) चर्चा हुई है। बताया जाता है कि कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर सत्ता संगठन में पायलट समर्थकों को जगह देने पर पहले से ही मंजूरी मिल चुकी है। अब फेज मैनर में सभी फैसलों को लागू करना है। कांग्रेस संगठन में पिछले साल जुलाई से भंग पड़े जिला और ब्लाॅक में हजारों नेताओं को पद दिए जाने हैं। उन पदों पर पायलट समर्थकों को भी अच्छी संख्या में जगह मिलेगी।

पायलट बोले- हर तबके को प्रतिनिधित्व
बैठक (Dotasra-pilot meeting) के बाद सचिन पायलट ने कहा- प्रदेशाध्यक्ष के साथ राजस्थान में सत्ता और संगठन में हर तबके को प्रतिनिधित्व मिले, इस पर चर्चा हुई है। हम चाहते हैं कि राजस्थान में सरकार और संगठन में हर वर्ग और हर तबके के लोगों का प्रतिनिधित्व हो। राजस्थान के हर तबके को यह लगना चाहिए कि यह हमारी अपनी सरकार है। आने वाले दिनों में राजस्थान में संगठन में और विस्तार होगा। मुझे लगता है कि उसके लिए हम सभी मिलकर काम करेंगे।

पायलट ने कहा- राजस्थान में सत्ता और संगठन में सबकी राय लेकर काम किया जाएगा। हमारा उद्देश्य यह है कि 22 महीने बाद जब चुनाव हो तो कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ राजस्थान में फिर से सत्ता में आए। हम मिल बैठकर राजस्थान में संगठन, सरकार और क्षेत्र की बात करेंगे।

केंद्र की बीजेपी सरकार को एक्सपोज करेंगे
पायलट ने कहा- केंद्र में बीजेपी की कुशासन की सरकार है। ऐसे में राजस्थान कांग्रेस और कार्यकर्ताओं की क्या भूमिका रहेगी, हम कैसे जनता का विरोध और आक्रोश सड़कों पर लेकर आते हैं। इन सब बातों की हमने चर्चा की है। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और हम सब ने मिलकर यह तय किया है कि बीजेपी की केंद्र की सरकार को एक्सपोज करें और पब्लिक की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाएंगे।

सरकार और संगठन में मिलेगी पायलट समर्थकों को जगह
मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद अब राजनीतिक नियुक्तियों और कांग्रेस संगठन में भी पायलट समर्थकों को जगह मिलना तय है। प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक बनने वाले पदाधिकारियों में कई पायलट समर्थक नेता दावेदार हैं। मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद सचिन पायलट लगातार सक्रिय हैं। सचिन पायलट अब बयानों में 2023 पर ज्यादा जोर दे रहे हैं और बीजेपी पर लगातार हमले कर रहे हैं। सुलह कमेटी में तय हुए मुद्दों में से मंत्रिमंडल में पायलट समर्थकों को शामिल कर एक बड़ी मांग पूरी हो गई है। अब पायलट को केंद्रीय संगठन में जिम्मेदारी देने की तैयारी है, लेकिन राजस्थान में भी सक्रिय रहेंगे।