Saturn Transit : पूरे साल मकर राशि में रहेंगे न्याय के देवता शनि

Saturn Transit In Capricorn

The Fact India : ब्रह्मांड में न्याय के देवता शनि ग्रह (Saturn Transit) मंगलवार को वक्री चाल चलते हुए मकर राशि में प्रवेश कर गए हैं। अब ये पूरे साल इस राशि में रहेंगे। लेकिन 141 दिनों तक की टेढ़ी चाल से चलेंगे। फिर 23 अक्टूबर को शनि मार्गी होंगे। यानी सीधी चाल से चलेंगे। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि शनि के राशि परिवर्तन का असर देश-दुनिया सहित सभी राशियों पर पड़ेगा। साथ ही जिन राशियों पर साढ़ेसाती और ढय्या शुरू हो गई है उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव वाला समय रहेगा। शनि देव सूर्य के पुत्र हैं, लेकिन वे अपने पिता सूर्य से शत्रुता का भाव रखते हैं। इस संबंध में मान्यता है कि सूर्य का विवाह संज्ञा नाम की देव कन्या से हुआ था। संज्ञा प्रजापति दक्ष की पुत्री थीं। यमराज और यमुना संज्ञा और सूर्य देव की संतानें हैं। संज्ञा सूर्य का तेज सहन नहीं कर पा रही थीं। तब उन्होंने अपनी छाया को सूर्य देव की सेवा में लगा दिया और सूर्य देव को बताए बिना किसी और जगह चली गईं। बाद में सूर्य और छाया के पुत्र के रूप में शनि देव का जन्म हुआ। जब सूर्य को छाया के बारे में मालुम हुआ तो उन्होंने शनि देव के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। जिससे शनि उन्हें शत्रु मानने लगे थे। शनि देव ने तप करके शिव जी को प्रसन्न किया और ग्रह के रूप में न्यायाधीश का पद प्राप्त किया था। 13 जुलाई को शनि (Saturn Transit) वक्री रहते हुए एक राशि पीछे की ओर आ जाएगा। यानी फिर से मकर राशि में प्रवेश कर जाएगा। जिससे कई लोगों पर साढ़ेसाती और ढय्या शुरू होगी। वहीं, कुछ लोगों को इससे राहत मिलेगी। अब पूरे साल शनि मकर राशि में ही रहेगा। इसके बाद 17 जनवरी 2023 को कुंभ राशि में प्रवेश करेगा।

साढ़ेसाती और ढय्या
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि मकर में शनि (Saturn Transit) के आने से धनु राशि वालों पर फिर से साढ़ेसाती शुरू हो गई है और मीन राशि वालों को इससे राहत मिली है। वहीं मकर और कुंभ राशि वालों पर भी शनि की साढ़ेसाती रहेगी। इन दोनों राशियों के लोगों को नौकरी, बिजनेस और सेहत को लेकर सावधान रहना होगा। इनके अलावा मिथुन और तुला राशि वालों पर शनि की ढय्या शुरू हो गई है। यानी मिथुन राशि के लिए गोचर कुंडली में शनि अष्टम भाव में आ जाएगा और तुला राशि वालों पर शनि की टेढ़ी नजर रहेगी। इस वजह से इन 2 राशियों के लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

असर
विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि मकर राशि में शनि की वक्र अवस्था 141 दिन चलेगी। समुद्री चक्रवात, तेज बारिश, अग्निकांड, आंधी-तूफान और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की भी आशंका है। देश की राजनीति पर भी असर पड़ेगा। कई बड़े राजनीतिक दलों में बिखराव व दल-बदल की स्थिति देखने को मिलेगी। प्रशासनिक अधिकारियों को भी फायदा मिल सकता है। ऐसे में आतंकी गतिविधियां बढ़ने की भी आशंका है। व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी।

साढ़ेसाती और ढैय्या का महत्व
विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि सभी ग्रहों में शनि ग्रह (Saturn Transit) का विशेष महत्व होता है। शनिदेव न्याय और कर्म के देवता हैं। ये जातकों को उनके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। इसके अलावा शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का विशेष महत्व होता है। गणना के अनुसार एक मनुष्य के जीवन में तीन बार साढ़ेसाती का प्रभाव अवश्य ही आता है। इसके अलाव शनि की ढैय्या ढाई वर्षों की होती है। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या होने पर जातकों के जीवन में कई तरह परेशानियां आती हैं।

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उपाय
विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि शिव उपासना और हनुमत उपासना करें। मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करें। हनुमान चालीसा एवं शनि चालीसा का पाठ करें। मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी को सरसों के तेल का दीपक जलाएं, दर्शन का लाभ लें। मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। शनिवार के दिन शनि मंदिर में छाया दान अवश्य करें। गरीब, वृद्ध, असहाय लोगों को भोजन कराएं। पशु पक्षियों के लिए दाने, हरे चारे, पानी की व्यवस्था करें। तेल का दान भी करना चाहिए। तेल दान करने से आपको अपने कष्टों से छुटकारा मिलता है। शनिवार को लोहे से बनी चीजों को दान करना चाहिए। इस दिन लोहे का सामान दान करने से शनि देव शांत होते हैं। लोहा दान देने से शनि की दृष्टि निर्मल होती है। रुद्राक्ष की माला लेकर एक सौ आठ बार ॐ शं शनैश्चराय नमः का जप करें, शनिदेव की कृपा बनेगी और कष्ट दूर होंगे। काले कुत्ते को शनिवार के दिन सरसों के तेल से बनी रोटी खिलाएं। सूर्यास्त के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास से जानते हैं सभी राशियों पर क्या होगा शनि का प्रभाव ।
मेष: पुराने अधूरे काम परेशान कर सकते हैं। विवाद वाला समय रहेगा। कामकाज मे देरी के योग हैं।

वृष: नौकरी, बिजनेस में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। रुके काम पूरे होंगे।

मिथुन: गलत कामों फंसने की आशंका। गैरकानूनी काम से बचें। कामकाज में बदलाव हो सकता है।

कर्क: परिवार में किसी की सेहत खराब हो सकती है। व्यापार बढ़ेगा। सेहत का ध्यान रखें।

सिंह: स्वास्थ्य में सुधार होगा। नौकरी और बिजनेस में तरक्की के योग हैं। दुश्मनों पर जीत मिलेगी।

कन्या: योजनाओं पर काम करने में देरी हो सकती है। मेहनत ज्यादा और फायदा कम मिलेगा। लोगों के प्रति बुरे व्यवहार से इमेज खराब हो सकती है।

तुला: कामकाज में परेशानियों वाला समय है। फालतू खर्च बढ़ सकता हैं। नौकरी और बिजनेस में बदलाव हो सकता है।

वृश्चिक: पराक्रम और सुख बढ़ेगा। सेहत के मामले में भी समय अच्छा रहेगा। धन लाभ और तरक्की वाला समय है।

धनु: शनि के प्रभाव से मेहनत ज्यादा होगी, लाभ कम मिलेगा। सेहत संबंधी परेशानी भी हो सकती है।

मकर: नौकरी में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वाहन सावधानी से चलाएं। विवाद होने के योग हैं।

कुंभ: धन हानि और विवाद होने के योग हैं। नौकरी और बिजनेस में अनचाहे बदलाव हो सकते हैं। दुश्मनी भी बढ़ सकती है।

मीन: बिजनेस में फायदा हो सकता है। प्रॉपर्टी संबंधी मामलों में किस्मत का साथ मिल सकता है।

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