दिल्ली में ED ने हवाला कारोबार के आरोप में दो चीनी नागरिक को किया गिरफ्तार

The Fact India: ईडी ने रविवार को हवाला कारोबार (Hawala business) के आरोप में बड़ी कार्रबाई करते हुए चीन के दो नागरिकों को गिरफ्तार किया है। चीनी नागरिकों के नाम चार्ली पेंग और कार्टर ली हैं। दोनों दिल्ली में रहकर चीन की कंपनियों के लिए एक बड़ा हवाला रैकेट (Hawala business) चलाकर भारत सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे थे। आयकर विभाग ने पिछले साल चार्ली पेंग के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने पेंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

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आपको बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने इन चीनी नागरिकों 15 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद इन दोनों की गिरफ्तारी हुई। गिरफ्तार करने के बाद इन दोनों को अदालत के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने इन दोनों को 14 दिन के लिए ईडी की कस्टडी में सौंप दिया है। बता दें कि ईडी ने चार्ली के खिलाफ अगस्त में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। इतने लंबे समय से ईडी चार्ली पेंग के सभी संदिग्ध लेन-देन की जांच कर रही थी। जांच में यह भी पता चला कि पेंग न केवल भारत में हवाला कारोबार में बल्कि तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा की जासूसी भी कर रहा था।

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मिली जानकारी के अनुसार चार्ली फर्जी कंपनियां बनाकर भारत में हवाला नेटवर्क चला रहा था। चार्ली ने दिल्ली एनसीआर की साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर 59 गोल्फ कोर्स रोड स्थित फर्म स्प्रिंग प्लाजा के पते पर इनविन लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी पंजीकृत करवाई थी। हालांकि प्लाजा के मैनेजर के अनुसार यहां कोई चीनी कंपनी थी ही नहीं। वह इसी तरह फर्जी पतों के जरिए जाली कंपनियों का संचालन करके पैसों का लेन-देन कर रहा था।

दरअसल अगस्त 2020 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अगस्त में दिल्ली और एनसीआर में छापे मारे थे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बताया था कि पेंग और अन्य चीनी नागरिकों ने चीनी शेल कंपनियों के नाम पर 40 बैंक अकाउंस खोले ते। इन लोगों ने इनके जरिए सौ करोड़ रुपए से अधिक का हवाला कारोबार किया। रजिस्टर्ड की गई चीनी कंपनियों पर भारत के रिटेल मार्केट में एंट्री के लिए शेल कंपनियों के जरिए 100 करोड़ रुपए लेने का आरोप था।