26 साल के युवक ने बनाई बीएसटीसी की फर्जी वेबसाइट, ठगे लाखों रुपए

The Fact India: साइबर क्राइम की घटनाऐं तेजी से बढ़ने लगी है. इंटरनेट का गलत तरीके से फायदा उठा कर लोगो के साथ ठगी के मामले सामने आ रहे है. बता दे, 26 साल के एक शातिर अपराधी ने बिना किसी कंप्यूटर डिग्री के यूट्यूब के जरिये वेबसाइट बनाना सीखकर राजस्थान में PTET और Pre BSTC परीक्षा आयोजित करवाने वाली सरकारी विभाग की फर्जी वेबसाइट (Fake Website) बना ड़ाली. इतना ही नहीं इस वेबसाइट (Fake Website) के जरिए  600 प्रश्नों की फर्जी टेस्ट सीरीज को बेचने का दबाव बनाकर कई अभ्यर्थियों से लाखों रुपए वसूल कर लिए. एसओजी की साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया.

टेस्ट सीरीज बेचने का झांसा देकर कर रहा था लाखों की वसूली

एसओजी के डीआईजी शरत कविराज ने बताया राजस्थान में प्रारम्भिक शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग, बीकानेर के डायरेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार ने 18 अगस्त 2020 को जयपुर में एसओजी के सायबर थाने में एक मुकदमा दर्ज करवाया था. जिसमें बताया गया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्री. डी. एल. डी. परीक्षा-2020 से संबंधित कई फर्जी वेबसाइट (Fake Website) एवं फेसबुक पेज बना रखे है. इनकी पड़ताल में सामने आया कि अधिकृत वेबसाईट https://predeled.inn एवं https://predeled.com के नाम से हूबहू फर्जी वेबसाईट https://predeled.org के नाम से डोमेन रजिस्टर्ड करके https://predcled.org फर्जी वेबसाइट (Fake Website) बनायी गयी है.

इसके टाईटल में Welcome to rajasthan BSTC 2020 Official Website लिखा गया है. शातिर ठगों ने डोमेन रजिस्टरकर्ता द्वारा ऑफिशियल शब्द का भी इस्तेमाल किया है. यह भी बताया कि फर्जी वेबसाइट (Fake Website) बनाने वाला शातिर ठग विभाग द्वारा अधिकृत टेस्ट सीरीज बेचने का झांसा देकर PTET और Pre BSTC परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा अभ्यर्थियों से लाखों रुपए वसूल रहा है.

टेस्ट सीरीज का पेमेंट रोजर पे के माध्यम से लेता था ठग

डीएसपी उमेश निठारवाल के सुपरविजन में पुलिस इंस्पेक्टर उम्मेद सिंह सोलंकी के नेतृत्व में पुलिस ने जांच शुरु की. तकनीकी पड़ताल कर एसओजी शातिर ठग नरेश कुमार तक पहुंच गई। पूछताछ में नरेश ने बताया कि उसने प्री. डी. एल. डी. परीक्षा वर्ष 2020-21 की परीक्षा आयोजित करने वाले प्रा. शि. निदेशालय, बीकानेर की असली वेबसाईट को कॉपी कर फर्जी वेबसाईट बना ली.

इसके बाद 600 प्रश्नों की टेस्ट सीरीज तैयार की. इसके बाद अभ्यर्थियों को फर्जी बनाई वेबसाइट से टेस्ट सीरिज खरीदने का दबाव बनाया. उनको कहा कि इस टेस्ट सीरिज को खरीदने पर ही बीएसटीसी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. हजारों अभ्यर्थियों से टेस्ट सीरिज का पेमेंट रोजर पे के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त किया. तब यह जानकारी प्रारंभिक शिक्षा विभाग की जानकारी में आई. मीडिया में खबरें आने पर नरेश कुमार मीणा ने वेबसाइट से अपना नाम हटाकर फर्जी नाम गिरीशलाल जाट, गंगानगर लिख दिया.

पहले भी बना चुका है फर्जी वेबसाइट

डीएसपी उमेश निठारवाल के मुताबिक पूछताछ में नरेश मीणा ने यह भी बताया कि वह पहले भी मार्च-अप्रेल 2019 में पीटीईटी परीक्षा की रजिस्टर्ड वेबसाईट www.ptetdcb2020.com एवं www.ptetdcb2020.org की कॉपी कर अधिकृत वेबसाईट का होम पेज उपयोग करते हुये फर्जी वेबसाईट www.ptet.in बना चुका है. इसके जरिए हजारों अभ्यर्थियों को टेस्ट सीरीज बेचकर अनुचित लाभ कमा चुका है. तब भी पीटीईटी परीक्षा के समन्वयक प्राचार्य, डूंगर महाविद्यालय बीकानेर की तरफ से एसपी बीकानेर को एक रिपोर्ट दी थी. फिर व्यास कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था.

जम्मू- कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा किया जाए बहाल- पी चिदंबरम

बिना किसी डिप्लोमा या डिग्री के यूट्यूब से सीखकर बनाई वेबसाइट

गिरफ्तार आरोपी नरेश मीणा ने कंप्यूटर में कोई डिप्लोमा या डिग्री हासिल नहीं की है. इसके बावजूद यूट्यूब से साइबर विषय में बारीक जानकारियां प्राप्त की और इसमें महारथ हासिल कर सरकारी वेबसाइट की ही फर्जी वेबसाइट बना दी. फर्जी वेबसाइट (Fake Website) को गोडेडी से रजिसटर्ड कर रोजर- पे, पेमेन्ट गेटवे हासिल कर  फर्जी सरकारी वेबसाईट का संचालन करने लगा.