गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल की तैनाती, टिकैत बोले- सरकार का सिर दुनिया के सामने झुकने नहीं देंगे

Farmers Preotest

The Fact India: दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है. रातो-रात गाजीपुर बॉर्डर को किले में तब्दील कर दिया गया। 26 तारीख को दिल्ली के लाल किले पर हई घटना के बाद लगातार किसान वापस जा रहे थे और उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गाजीपुपर बॉर्डर को खाली करने का आदेश दिया गया था लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत के मीडिया के सामने रो जाने की घटना के बाद से एक बार फिर गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों बॉर्डर पर किसानों के जत्थों का शुरू हो गया है।

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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने शनिवार को केन्द्र सरकार से कहा कि वह खुद किसानों को बताये कि वह कृषि कानूनों को वापस क्यों नहीं लेना चाहती और ‘‘हम वादा करते हैं कि सरकार का सिर दुनिया के सामने झुकने नहीं देंगे।” ट्रैक्टर परेड में हिंसा के कारण किसान आंदोलन के कमजोर पड़ने के बाद एक बार फिर जोर पकड़ने के बीच टिकैत ने सरकार से कहा, ‘‘सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि वह नये कृषि कानूनों को निरस्त नहीं करने पर अड़ी हुई है?

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उन्होंने कहा, ‘‘सरकार किसानों को अपनी बात बता सकती है। हम किसान ऐसे लोग हैं जो पंचायती राज में विश्वास करते हैं। हम कभी भी दुनिया के सामने सरकार का सिर शर्म से नहीं झुकने देंगे” टिकैत ने कहा, ‘‘सरकार के साथ हमारी विचारधारा की लड़ाई है और यह लड़ाई लाठी/डंडों, बंदूक से नहीं लड़ी जा सकती और ना ही उसके द्वारा इसे दबाया जा सकता है. किसान तभी घर लौटेंगे जब नये कानून वापस ले लिए जाएंगे.”