सरकार ने माना जयपुर के आस पास फल-फूल रहा मादक पदार्थों का अवैध कारोबार

The Fact India: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को नशीले पदार्थों और अफीम से जुड़ा मुद्दा गूंजा. विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नशीले पदार्थों (Drug Trade) से जुड़े एक सवाल के जवाब में मंत्री शांति धारीवाल ने इस बात को माना कि जयपुर के आसपास मादक पदार्थों का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है.

धारीवाल ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बस्सी सहित आसपास के कस्बों में गांजा, अफीम सहित कई तरह की ड्रग्स (Drug Trade) का कारोबार हो रहा है. उन्होंने जानकारी दी कि अब तक अकेले बस्सी क्षेत्र में ही मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े 72 लोगों को पकड़ा गया. इनमें से 70 के खिलाफ चालान पेश हो चुके हैं.

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जिस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि मादक पदार्थों के ​कारोबार के मुख्य सूत्रधार को न मेरे समय में पकड़ जा सका न आपके समय में पकड़ा जा रहा है. कटारिया ने कहा कि हमें कानून में बदलाव की जरूरत हो तो करना चाहिए। इस गैर काननी काम को करने के मुख्य सूत्रधारों को पकड़ना चाहिए.

इस पर जवाब देते हुए मंत्री धारीवाल ने कहा कि कोटा, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ के एमपी सीमा से सटे इलाकों में मादक पदार्थों का उत्पादन होता है. वहां पुलिस निगाह रखती है. पड़ोसी राज्यों की पुलिस से समन्वय किया जाता है. अब एक नई चीज देखने को मिली है. शिवदासपुरा में गेहूं के खेत के बीच में अफीम की खेती मिली. एनडीपीएस एक्ट केंद्र सरकार का है और इसमें संशोधन राज्य सरकार नहीं कर सकती. एसओजी को माद​क पदार्थों की धरपकड़ करने लगाया है जिसके रिजल्ट अच्छे हैं.