इसी तरह चली तो जल्द बंद हो जाएगी जयपुर मेट्रो!

द फैक्ट इंडिया ब्यूरो। राजस्थान की गहलोत सरकार का ड्रीम प्रोजक्ट कही जाने वाली जयपुर मेट्रो (Jaipur Metro) भयंकर बदहाली के दौर से गुजर रही है. जहां एक ओर सरकार जयपुर मेट्रो के विस्तार की लगातार योजना बना रही है. तो वहीं दूसरी ओर जयपुर मेट्रो के आंकड़े एक अलग ही तस्वीर बयां कर रहे है. तमाम कोशिशों और प्रयासों के बाद भी मेट्रो (Jaipur Metro) में सवारियों का आकंड़ा प्रतिदिन 20 हजार से आगे नहीं बढ़ पा रहा है.  तभी तो 4 साल के बाद भी प्रतिदिन शहर में मेट्रो से सफर करने वालों की संख्या महज 20 हज़ार ही पहुंच पाई है. जब इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया था, तब 1.15 लाख यात्रियों का प्रतिदिन का दावा किया गया था, जो खोखला साबित होता दिखाई दे रहा है. ये इसलिए, क्योंकि जब मेट्रो फेज 2 परकोटा चालू होगा, तब भी प्रतिदिन यात्री संख्या 70 से 80 हज़ार पहुंच पाएगी. वहीं कैग की रिपोर्ट में भी साफ उल्लेख है कि मेट्रो रूट का चयन जल्दबाजी में लिया गया है. इससे शहरवासियों को कोई फायदा नहीं हुआ है.

जयपुर में आतिशबाजी चलाने पर सरकार ने लगाई बड़ी पाबंदी

मेट्र के हांफने का ये है कारण

गौरतलब है कि पिछली सरकार ने शहर को मेट्रो सिटी बनाने के नाम पर मानसरोवर से चांदपोल तक चलाना शुरू किया, लेकिन इस रूट पर ऐसा कुछ नहीं है, जिसके लिए लोग मेट्रो पकड़ें. महज 09 किमी का सफर है पहले फ़ेज़ में मेट्रो का. इस रूट पर अब तक यात्री भार मेट्रो को मिलना शुरू नहीं हो पाया है. इसके लिए मेट्रो प्रशासन ने काफी प्रयास भी किये, लेकिन वे सफल नहीं हो सके. 

Leave a Reply

Your email address will not be published.