क्या खतरे में है ममता बनर्जी की CM की कुर्सी? उपचुनाव में आया नया मोड़

Mamata Banerjee

The Fact India: पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है. इससे ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर फिर से आशंका के बादल मंडराने लगे है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने भवानीपुर विधानसभा सीट पर 30 सितंबर को होने जा रहे उपचुनाव को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए संवैधानिक संकट के मामले पर चुनाव आयोग से हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है. यह हलफनामा 24 घंटे के अंदर दायर करने का निर्देश दिया है. शुक्रवार को इस मामले की फिर सुनवाई होगी.

…तो चली जाएगी मुख्यमंत्री की कुर्सी

आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम की सीट से पराजित होने के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) भवानीपुर से उपचुनाव लड़ रही हैं. उन्हें सीएम पद पर बने रहने के लिए 5 नवंबर के पहले निर्वाचित होना होगा. यदि वह र्निवाचित नहीं होती हैं, तो उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी चली जाएगी. इस बाबत ममता बनर्जी ने कल खुद ही कहा था कि उन्हें वोट दें. यदि वह चुनाव नहीं जीतती हैं, तो कोई दूसरा मुख्यमंत्री होगा.

संवैधानिक संकट बोलने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

भवानीपुर विधानसभा सीट पर 30 सितंबर को होने जा रहे उपचुनाव को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक उच्च न्यायाधीश राजेश बिंदल की खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए इस मामले पर चुनाव आयोग का त्वरित हलफनामा समन किया है. चुनाव आयोग को 24 घंटे के अंदर हलफनामा देने का निर्देश दिया. हाई कोर्ट ने पूछा कि आयोग ने प्रेस वक्तव्य के पैराग्राफ 7 और 8 किन परिस्थितियों में दिए? भवानीपुर उपचुनाव नहीं होने पर संवैधानिक संकट के बारे में किसने लिखा? आयोग या मुख्य सचिव ने? उपचुनाव में संवैधानिक दायित्व कैसे हो सकता है? हलफनामे में पूरे मामले को स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी.

भवानीपुर में उपचुनाव पर दायर की थी याचिका

गौरतलब है कि बंगाल में कोरोना की स्थिति में सुधार हुआ है. ऐसे में तृणमूल ने उपचुनाव की मांग को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया था. मुख्य सचिव ने भी इस बाबत आयोग को पत्र लिखा था. उसके बाद आयोग ने मुर्शिदाबाद की दो विधानसभा सीटों जंगीपुर और शमशेरगंज में चुनाव और कोलकाता की भवानीपुर सीट पर उपचुनाव की तारीख की घोषणा की थी. उपचुनाव को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. सायन बनर्जी नामक अधिवक्ता ने जनहित याचिका दायर की थी.