राहुल गांधी और पायलट की मैराथन बैठक क्या किसी बड़े फेरबदल का इशारा?

Rahul-Pilot meeting

The Fact India: पंजाब में कांग्रेस का ऑपरेशन पूरा होने के बाद अब पार्टी शासित दूसरे राज्यों में हलचलें तेज होने लगी है. इस बीच बीते शुक्रवार यानी 17 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी नें राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ मैराथन बैठकें (Rahul-Pilot meeting) कीं. जानकारी के मुताबिक इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच राजस्थान की स्थिति के साथ ही 2024 लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के लक्ष्यों पर भी चर्चा की. 

पायलट की बहाली को लेकर हुई मंत्रणा

संयोग यह है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह  के पंजाब के सीएम पद से इस्तीफा देने से ठीक एक दिन पहले यह बैठक ( Rahul-Pilot meeting ) हुई. इस साल राहुल गांधी और सचिन पायलट की इस तरह की यह पहली बैठक थी. गौरतलब है कि पायलट जुलाई 2020 तक राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री थे. हालांकि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बागी रवैया अपनाने के बाद उनसे ये दोनों ही पद वापस ले लिए गए थे. पार्टी के एक सूत्र के मुताबिक, राहुल और सचिन की बैठक के दौरान राजस्थान में पायलट की बहाली को लेकर गंभीर रूप से चर्चा की गई.

पार्टी का फोकस चुनावी राज्यों में

हालांकि, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक राजस्थान में फिलहाल किसी बड़े फेरबदल की उम्मीद नहीं है. उन्होंने बताया कि पार्टी का पूरा ध्यान फिलहाल उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में आने वाले विधानसभा चुनावों पर है. इन सभी राज्यों में 2022 के शुरुआती छह महीनों में चुनाव होने हैं.

पायलट का अभी तक नहीं आया कोई बयान

हालांकि, सचिन पायलट ने इस मीटिंग ( Rahul-Pilot meeting ) को लेकर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है लेकिन दो अन्य वरिष्ठ नेताओं ने यह जानकारी दी कि कांग्रेस अपनी प्रदेश की सरकारों में फेरबदल के समय 2024 लोकसभा चुनावों के लक्ष्यों को ध्यान में रख रही है.

कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने बताया कि राहुल गांधी की योजना यह है कि 2024 लोकसभा चुनावों को ध्यान मे रखते हुए ही राज्यों में फेरबदल किए जाएं. अगर, कोई बदलाव होता है और पायलट की राजस्थान सरकार में वापसी होती है तो इसे अगले आम चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारी के तौर पर देखा जाना चाहिए. राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ही ऐसे राज्य हैं जहां कांग्रेस सीधे तौर पर बीजेपी को टक्कर दे रही है.