12 अक्टूबर से निजी हाथों में जयपुर एयरपोर्ट, अड़ानी एंटरप्राइजेज करेगा संचालन

The Fact India: 12 अक्टूबर से जयपुर एयरपोर्ट (Jaipur Airport) की संचालन व्यवस्था अड़ानी एंटरप्राइजेज को सौंप दी जाएगी यानि एयरपोर्ट का निजीकरण कर दिया जाएगा. इस नई व्यवस्था के साथ पैसेंजर्स को सुविधओँ के लिए अतिरिक्त चार्ज देना पड़ेगा. इसमें पार्किंग शुल्क और यूजर डेवलपमेंट फीस में भी बढ़ोतरी हो सकती है. एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पहले कंपनी को एक से डेढ़ माह तक ऑब्जर्वेशन पीरियड दिया जाएगा यानि अगले दो महीने तक अडानी समूह की टीम जयपुर एयरपोर्ट का संचालन व प्रबंधन से संबंधित सभी चीजों को ऑब्जर्व करेगी. कंपनी समूह ने जयपुर एयरपोर्ट के संचालन के लिए चीफ एयरपोर्ट ऑफिसर नियुक्त कर दिया है.

सुविधाओं के साथ आम आदमी की जेब पर पड़ेगा असर

जयपुर एयरपोर्ट (Jaipur Airport) का संचालन निजी कंपनी के हाथों में देने के बाद यात्रियों के लिए सुविधाओं में कुछ बढ़ोतरी होगी, लेकिन उसके लिए यात्रियों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है. सूत्रों की मानें तो कंपनी यहां आने वाली घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों से यूजर डेवलपमेंट फीस ज्यादा वसूल सकती है. मौजूदा समय में जयपुर एयरपोर्ट पर घरेलू यात्री से 465 और अंतरराष्ट्रीय यात्री से 1005 रुपए यूडीएफ वसूला जाता है. इस चार्ज में भी कंपनी बढ़ोतरी कर सकती है. कंपनी संचालन संभालने के बाद प्रति यात्री का भुगतान एयरपोर्ट अथॉरिटी को करेगा. घरेलू यात्री का 174 रुपए और अंतरराष्ट्रीय यात्री के लिए 348 रुपए का भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा कंपनी फ्लाइट्स के स्लॉट चार्ज, एप्रिन चार्ज भी बढ़ा सकती है, जिसका सीधा असर यात्रियों के किराए पर पड़ सकता है.

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पार्किंग के लिए लग सकता है शुल्क

निजीकरण के बाद एयरपोर्ट में पार्किंग शुल्क भी लग सकता है. वर्तमान में एयरपोर्ट पर यदि किसी को रिसीव करने या छोड़ने जाते है तो 8 मिनट का नि: शुल्क समय मिलता है. पर निजीकरण के बाद एयरपोर्ट में एंट्री करने के साथ ही शुल्क लगना शुरु हो सकता है.