तीन तलाक के मामले में जयपुर की अदालत ने दिया बड़ा फैसला

The Fact India : प्रदेश की महिला उत्पीड़न मामलों की विशेष अदालत ने तीन तलाक (Triple Talaq) के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि तीन तलाक के आरोपी को जमानत का लाभ दिया जाता है तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। साथ ही ट्रिपल तलाक के मामलों में बढ़ोतरी होगी।

एडवोकेट संजय यादव ने बताया कि झोटवाड़ा में काली कोठी निवासी रसीद खान पर पत्नी ने मारपीट करने और जोर-जोर से तीन बार तलाक-तलाक बोलकर घर से बाहर निकालने के साथ ही जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस संबंध में उसने झोटवाड़ा थाने में 25 जून को मुकदमा दर्ज कराया। तफ्तीश के बाद आरोपी पति को 3 जुलाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसके बाद अगले दिन अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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अदालत ने जमानत खारिज करते हुए कहा कि केस डायरी और तथ्यात्मक रिपोर्ट को देखते हुए प्रथमदृष्टया मामला तीन बार तलाक (Triple Talaq) बोलकर तलाक देने और मारपीट करने का लगता है। जबकि मुस्लिम विवाह अधिकार सरंक्षण विधेयक, 2019 में किसी मुस्लिम पति द्वारा अपनी पत्नी को बोेलकर, लिखकर या फिर इलेक्ट्रॉनिक रूप से या अन्य किसी तरीके से तलाक की कोई भी उद्घोषणा करना शून्य और अवैध है।

आरोपी की ओर से दिए गए ये तर्क…

अदालत में आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने तर्क देते हुए कहा कि आरोपी ने पत्नी के साथ ना तो मारपीट की और ना ही कोई अपराध किया। अनुसंधान में समय लगने की पूर्ण संभावना है। ऐसे में अभियुक्त को जमानत पर रिहा कर दिया जाए। वहीं, अपर लोक अभियोजक और पीड़िता के वकील ने जमानत आवेदन खारिज करने की मांग की।

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