नवरात्री का सातवां दिन माँ कालरात्रि को समर्पित, जानिए कालरात्रि की पूजा का महत्व

The Fact India: नवरात्री का पवन पर्व चल रहा है और आज इस पर्व का सातवां दिन है, इस दिन माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है. मां कालरात्रि (Kaalratri) की पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं. ऐसा माना जाता है कि मां कालरात्रि की पूजा से शनिदेव भी शांत रहते हैं. मान्यता है कि इस दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां भी दूर होती हैं.

मां कालरात्रि की पूजा का महत्व

  • मां कालरात्रि जीवन में आने वाले संकटों से रक्षा करती हैं.
  • माँ की कृपा से बुरी शक्तियों का प्रभाव समाप्त हो जाता है.
  • माँ शत्रु और दुष्टों का संहार करती हैं.
  • तनाव, अज्ञात भय और बुरी शक्तियां दूर होती है.
  • मां का रंग कृष्ण वर्ण है. कृष्ण वर्ण के कारण ही इन्हें कालरात्रि (Kaalratri) कहा जाता है.
  • मां की 4 भुजाएं हैं. पौराणिक कथा के अनुसार, असुरों के राजा रक्तबीज का संहार करने के लिए दुर्गा मां ने मां कालरात्रि का रूप लिया था.

नवरात्री का छटा दिन माँ कात्यायनी को समर्पित, जानिए महत्व

मां कालरात्रि: मंत्र

ऊं देवी कालरात्रयै नमः

मां कालरात्रि: प्रार्थना

एकवेणी जपाकर्णपुरा नगना खरस्थिता।

लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलभयक्त शारिरिनी॥

वामपदोल्लसल्लोह लतकान्तकभूषण।

वर्धन मुर्धध्वज कृष्ण कालरात्रिभयंकारी॥