गहलोत गुट के MLA पहुंचे पायलट के महापंचायत में तो विश्वेन्द्र सिंह ने साधा निशाना

The Fact India: कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में मोर्चा बंदी जारी है.. कहीं कृषि कानूनों के विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है.. तो कहीं इसके बहाने शक्ति प्रदर्शन किया जा रहा है. इसी बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने एक बार फिर किसान महापंचायत की. इस पायलट ने सूबे के पॉलिटिकल कैपिटल जयपुर में महापंचायत की. चाकसू के कोटखावदा (Chaksu Panchayat) में पायलट ने केंद्र की मोदी सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई.

पायलट की इस महापंचायत एक चौकाने वाला नजारा भी दिखाई दिया. टोंक के निवाई से विधायक प्रशांत बैरवा भी कोटखावदा पहुंचे. सियासी संकट के दौरान प्रशांत बैरवा ने पाला बदलते हुए गहलोत कैम्प में चले गए. अब तकरीबन 7 महीने बाद प्रशांत बैरवा पायलट के साथ नजर आए.

साथ ही इस दौरान पायलट ने किसानों के सामने तीन प्रस्ताव भी रखे और उनपर महापंचायत से समर्थन मांगा. पहला प्रस्ताव- तीनों कृषि कानूनों को वापस लिये जाये. दूसरा प्रस्ताव- किसान की सारी फसल एमएसपी पर खरीदो. तीसरा प्रस्ताव- पेट्रोल-डीजली के दाम कम करें, ताकि किसान को मदद मिले.

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महापंचायत (Chaksu Panchayat) को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि अन्न पैदा करने वाले किसान की कोई जाति नहीं होती है. किसान सबका है. हम जाति से ऊपर उठकर संघर्ष करेंगे. जाति के नाम पर किसानों को बांटने की साजिश चल रही है. दिल्ली में बैरीकेड लगा दिए, कीलें लगा दीं. हम भी मानने वाले नहीं हैं. केंद्र को तीनों कानून वापस लेने ही पड़ेंगे.

वहीं पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने इशारों ही इशारों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को घेर लिया. विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि पहले हमारी 21 सीट आईं, फिर 101 हो गई. मेहनत कोई करे.. इतना कहते ही महापंचायत में तालिया बजने लगी और पायलट के समर्थन में नारेबाजी होने लगी. लोगों ने जमकर नारेबाजी की. इस पर विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि आप मेरे से ज्यादा होशियार हो. मैं आपको क्या भाषण दूं. विश्वेंद्र सिंह ने इशारों ही इशारों में सीएम गहलोत पर निशाना साध दिया.

बहरहाल कोटखावदा में सचिन पायलट और विश्वेंद्र सिंह के साथ साथ हेमाराम चौधरी, मुरारीलाल मीणा, बृजेंद्र सिंह ओला, रमेश मीणा, वेद सोलंकी, हरीश मीणा, जीआर खटाणा, इंद्राज गुर्जर, राकेश पारीक, अमर सिंह जाटव, सुरेश मोदी सरीखे विधायक भी मौजूद रहे. कुलमिलाकर सचिन पायलट गुट ने एक तीर से दो निशाने साधे है. जहां केंद्र की मोदी सरकार को घेरा तो बड़ी संख्या में विधायकों का जमघट इकठा कर आलाकमान को भी सन्देश दे दिया.