मुर्मू ने की राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति से मुलाकात

भारत की नव निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, भारत की 15वीं राष्ट्रपति हैं. उनके शपथ लेते ही गूगल में उनका इतिहास ढूँढने वालों की लम्बी कतार थी. पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति, भारतीय जनता ने उनके राष्ट्रपति बनने के दिन को इतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन माना. मशहूर sand artist सुदर्शन पटनायक ने उनके सम्मान में एक sand art भी बनाई जिसमें लिखा था “A Historic Day For Nation” और साथ ही बहुत सुन्दर इस art में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कि तस्वीर भी उकेरी.

द्रौपदी मुर्मू अपनी कर्तव्यनिष्ठा, अपने राजनैतिक इतिहास के साथ साथ आदिवासी पृष्ठभूमि भी अपने जीवन का बड़ा योगदान मानती हैं. उन्होंने शपथ के बाद पूरे देश का धन्यवाद दिया और भावुक होते हुए ये भी कहा कि, “मुझे गर्व भी है और मेरे लिए ये साहस का भी विषय है कि मैं भारत में पैदा हुई.” द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने खबर अन्तराष्ट्रीय पटल पर भी उतनी ही चर्चित रही जितनी भारतीय जनता और राजनीतिज्ञों के बीच थी.

राष्ट्रपति का पद सँभालने के बाद एक विवाद भी हुआ था, जिसमें कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने महामहिम द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कहकर संबोधित कर दिया था. हालाँकि बाद में उन्होंने राष्ट्रपति से लिखित में माफ़ी मांगी और कहा कि मेरी जुबान फिसल गयी थी.

आज यानि 8 अगस्त 2022 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार किसी दुसरे देश के राष्ट्रपति से मिली. ये उनके राष्ट्रपति के पदभार को सँभालने के बाद पहली मुलाक़ात थी, जो अन्य देश के राष्ट्रपति से हुई. इसी के चलते मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
15वें भारतीय राष्ट्रपति के रूप में चुनाव के बाद इब्राहीम मोहम्मद सोलिह, भारतीय महामहिम से मिले वाले पहले राष्ट्र प्रमुख हैं. इस दौरान चर्चाएँ भी हुईं, पर उन चर्चाओं की अधिकारी जानकारी खबर लिखने तक नहीं आई थी. तस्वीर जरुर सोशल मीडिया में वायरल होने लगी हैं.

इस मुलाक़ात के कई राजनैतिक और गैर राजनैतिक कयास लगाए जाने लगे हैं. राजनैतिक विद्वानों के दृष्टिकोण से ये मुलाक़ात बहुत मायने रखती है.

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