NEET: राजस्थान के NEET फर्जीवाड़े के तार उत्तर प्रदेश तक जुड़े, मामले का खुलासा

The Fact India: राजस्थान में चल रहे कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में सक्रिय नकल गिरोह पर पुलिस शिकंजा कस रही है. इसी बीच मेडिकल एंट्रेंस के लिए होने वाली नीट (NEET) में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ हैं. पड़ताल में सामने आया है कि राजस्थान की फर्जी अभ्यर्थियों से परीक्षा दिलवाने वाली गैंग के तार उत्तरप्रदेश से जुड़े है. ये बदमाश बारीकियों का ध्यान रखते हुए फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा में आवेदन करने वाले छात्रों की जगह बिठाते थे और इस काम के लिए छात्रों के परिवार से मोटी रकम वसूली जाती थी. पहले स्टूडेंट से पासपोर्ट साइज फोटो लेते थे. फिर फर्जी अभ्यर्थी की फोटो के साथ उसे एडिट करते थे. यानि दोनों फोटो मिलाकर फर्जी फोटो तैयार करते थे. फिर इस फोटो के साथ ही फर्जी अभ्यर्थी आवेदन करने वाले छात्र की जगह बैठता था.

इस तरह चलता था पूरा खेल

सबसे पहले फोटो एडिट की जाती थी. जिसके लिए आवेदन अभ्यार्थी और फर्जी अभ्यार्थी की फोटो को उत्तर प्रदेश में एक युवक के पास भेजा जाता था. युवक एक खास सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से दोनों फोटो को मर्ज कर नई फोटो बनाता था. इस एडिट की हुई फोटो की 10 फोटो तैयार की जाती थी. इसको यूपी में मौजूद युवक राजस्थान में बैठी गैंग को सोशल मीडिया के जरिए भेजता था. उसे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रकम भेजी जाती थी.

राजस्थान में इन जिलों में अति भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

इसके बाद सीकर में नीम का थाना रहने वाला एक युवक महेंद्र सैनी मोबाइल फोन के जरिए NEET देने वाले अभ्यर्थियो का फॉर्म भरता था. खुद OTP नंबर जनरेट करवाता था. फिर यूपी से आई हुई फोटो को अभ्यर्थी के फॉर्म और दूसरे प्रवेश पत्र पर लगाया जाता था. महेंद्र सोनी भी इस काम के लिए डॉ. राकेश राजगुरु से मोटी रकम लेता था.

डॉ खुर्शीद बताया जा रहा मास्टरमाइंड

प्रारंभिक पडताल में सामने आया कि खुर्शीद और महेंद्र दोनों गहरे दोस्त है. इन दोनों ने कोटा में साथ में मेडिकल एंट्रेंस (NEET) की तैयारी की थी. खुर्शीद डॉक्टर बन गया पर महेंद्र आगे नहीं बढ़ पाया. खुर्शीद अभी उत्तराखंड में है. उसी ने एडिटिंग के लिए यूपी में युवक को ढूंढा था. जानकारी के अनुसार खुर्शीद ने महेंद्र सोनी और डॉ. राजन राजगुरु को देहरादून में बुलाया था. राजन भी  पेशे से डॉक्टर है और अपने समय का टॉपर रह चुका है. ऐसे में नीट में टॉपर रहे बच्चों से संपर्क करता था. उन्हे 10 लाख रुपए का लालच देता था और फर्जी अभ्यर्थी बनने के लिए मनाता था.

इन लोगों को किया गिरफ्तार

नागौर जिले में डीडवाना के एएसपी विमल सिंह नेहरा, लाडनूं थानाप्रभारी राजेंद्र कमांडो, अजमेर रेंज की स्पेशल टीम के कॉन्स्टेबल रामधन चौधरी और प्रेमचंद अडानिया की टीम ने सबसे पहले अर्पित स्वामी को पकडा था. फिर कोचिंग सेंटर के टीचर तंजील को गिरफ्तार किया गया. जिसके बाद गुजेंद्र स्वामी, डॉ राजन राजगुरु और महेंद्र सैनी को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा पुलिस ने छह फर्जी अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया है.