मोहिनी एकादशी के अवसर पर तीर्थ नगरी पुष्कर में उमड़ा श्रृद्धालुओं का सैलाब

The Fact India : तीर्थ नगरी पुष्कर में मोहिनी एकादशी के विशेष महत्व के चलते देश भर से हजारों श्रद्धालु आस्था के धाम पुष्कर पहुंचे। पवित्र बैशाख माह की मोहिनी एकादशी पर गुुुुरुवार को शुरू हुए वैशाख माह के पंचतीर्थ महास्नान (Pushkar) पर हजारों श्रृद्धालुओं ने पुष्कर के पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई। अलसुबह से ही सरोवर के 52 घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया.

मोहिनी एकादशी से शुरू हुआ यह महास्नान आगामी बैसाख पूर्णिमा तक चलेगा। धार्मिक शास्त्रों और पुराणों में बैशाख के पवित्र महीने में पुष्कर सरोवर की पूजा अर्चना करने और दान पुण्य का खास महत्व बताया गया हैं. ऐसा माना जाता है कि, पवित्र बैशाख माह की एकादशी से पूर्णिमा तक पांच दिवसीय महास्नान (Pushkar) करने से मनुष्य अपने सब पापों से मुक्त हो जाता हैं. साथ ही पूर्वजों की आत्म शान्ति के लिए भी किए गए धार्मिक अनुष्ठानों का कई गुना फल प्राप्त होता है.

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इन्हीं मान्यताओं के चलते एकादशी के मौके पर धार्मिक नगरी पुष्कर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर मुख्य मंदिरों में माथा टेका। तीर्थ पुरोहितों के अनुसार भगवान नारायण ने भी आज ही के दिन मोहिनी रूप धारण करके यहां स्नान किया था. तभी से इस दिन श्रद्धालु अपने (Pushkar) मोहजाल से छुटकारा पाने के लिए यहां के पवित्र जल में डूबकी लगाकर दान पुण्य करते है. साथ ही अपने पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण किया जाता है. पंच तीर्थ में स्नान को लेकर नगर पालिका प्रशासन ने पुष्कर के घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट लगाए। जो श्रद्धालुओं की भारी आवक के चलते कम पड़ते नजर आए. वहीं बाजारों सहित जगतपिता ब्रह्मा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई. भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद सरोवर के घाटों और कस्बे के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी आवक लगातार जारी रही.

गौरतलब है कि, वैशाख मास की एकादशी से पूर्णिमा तक किए जाने वाले पंचतीर्थ महा स्नान का फल कार्तिक माह में एकादशी से पूर्णिमा तक किए जाने वाले भीष्म पंचक महा स्नान के (Pushkar) समकक्ष पुण्य देने वाला होता है. इन्हीं मान्यताओं के चलते प्रदेश ही नहीं देश भर से हजारों श्रद्धालु इन 5 दिनों में पुष्कर आकर सरोवर में आस्था की डुबकी लगाते हैं.