पतंजलि आयुर्वेद की फ्रेंजाइजी देने के बहाने डेढ़ लाख रुपए ठगे

cyber fraud

The Fact India: राजधानी में साइबर ठगी (cyber fraud) के प्रकरण लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। ठग नए-नए तरीके अपना कर लोगों को अपना शिकार बनाने में लगे हुए हैं। जयपुर में सायबर ठगों ने पतंजलि आयुर्वेद की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। यह वारदात झालानियों का रास्ता, किशनपोल बाजार में रहने वाले सौरभ शर्मा के साथ हुई। उन्होंने बुधवार को कोतवाली थाने में केस दर्ज करवाया है। जिसमें बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले हरिद्वार में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड से कुछ पुस्तकें खरीदने के लिए संपर्क किया था।

खुद को हैड ऑफिस का कर्मचारी बताकर दिया झांसा
20 नवंबर को सौरभ के मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद का नाम सचिन अग्रवाल बताते हुए कहा कि वह पतंजलि आयुर्वेद के हेड ऑफिस से बात कर रहा है। शातिर ठग ने सौरभ को पतंजलि की फ्रेंचाइजी देने की बातचीत की। उसे विश्वास में लेकर फ्रेंचाइजी के लिए 11 हजार रुपए बतौर सिक्यूरिटी रकम हरिद्वार के एसबीआई बैंक की शाखा में जमा करवाने को कहा। इसके लिए बैंक खाता संख्या भी बताई। ठग ने कहा कि यह सिक्यूरिटी अमाउंट अगले 45 दिन में आपके खाते में जमा हो जाएगी।

इस तरह झांसा देकर अपने खाते में जमा करवाए 1.61 लाख रुपए
सौरभ ने सायबर ठग (cyber fraud) की बातों में आकर सिक्यूरिटी मनी व अन्य चार्जेज के नाम पर तीन बार में कुल 61 हजार रुपए बताए गए बैंक के अकाउंट में जमा करवा दिए। इसके बाद ठग ने पीड़ित सौरभ को 1 लाख रुपए और जमा करवाने के लिए कहा। उसे कहा कि नए वितरक को एजेंसी लेने के बाद 1 लाख रुपए जमा करवाने पर 50 हजार रुपए कीमत की पुस्तकें पतंजलि फर्म की तरफ से भिजवाई जाएंगी।

तब यह रकम भी RTGS कर दी। इसके बाद दोबारा ठग ने पीड़ित से 50 हजार रुपए और जमा करवाने के लिए कहा। तब सौरभ शर्मा को शक हुआ। उन्होंने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई तब पता चला कि उनसे 1.61 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी (cyber fraud) हो गई है। इस पर कोतवाली थाने पहुंचकर धोखाधड़ी कर रुपए हड़पने का केस दर्ज करवाया गया।