किसानों के बहाने पायलट आज फिर दिखा रहे शक्ति, गहलोत गुट ने बनाई दूरी

CAA-NRC
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The Fact India: राजस्थान में इन दिनों किसानों के बहाने अपना दमखम दिखा रहे हैं. जहां दिल्ली बॉर्डर पर किसान डेट हुए हैं टी वहीं राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट महापंचायतों के जरिये एक तीर से दो निशाना साध रहे हैं. आज फिर सचिन पायलट महापंचायत (Chaksu Mahapanchayat) कर रहे हैं. इस महापंचायत में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा को भी आमंत्रित किया गया है. लेकिन उन्होंने इस ममपंचायत से किनारा कर लिया है.

19 फरवरी को जयपुर के चाकसू इलाके के कोटखावदा में हो रही किसान महापंचायत (Chaksu Mahapanchayat) को लेकर सचिन पायलट ने ट्वीट भी किया है. पायलट ने अपने ट्विटर हैंडल से महापंचायत की जानकारी साझा करते हुये किसानों से इसमें शामिल होने का आह्वान भी किया है. पायलट ने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से बनाये गये तीन कृषि कानून किसानों, मध्यम और गरीब वर्ग का अहित करने का काम करेंगे. अन्नदाताओं पर हो रहे अत्याचार के विरुद्ध आइए हम सभी कोटखावदा (चाकसू) में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत में किसानों की आवाज बुलंद करें.

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बता दें कि पिछले साल हुए सियासी घमासान के बाद से ही पायलट पार्टी में साइडलाइन चल रहे हैं. हालांकि, दोनों के बीच हुए सियासी संग्राम के बाद पार्टी आलाकमान उनमें सामंजस्य बिठाने की कोशिश जरुर कर रहा है, लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ पा रही है. पायलट और गहलोत के बीच की दूरियां कम नहीं होने का नाम नहीं ले रही हैं. ऐसे में पायलट (Sachin Pilot) ने पिछले कई दिनों से पूर्वी राजस्थान में किसान महापंचायतों के जरिये विपक्षी खेमे को अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराने में जुटे हैं.

गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रमोद कृष्णम ने पायलट की भरतपुर की सभा के वीडियो को ट्वीट कर उन्हें सीएम बनने का आशीर्वाद दिया था. कृष्णम के ट्वीट से प्रदेश कांग्रेस की सियासत गरमाई हुई है. हाल ही में हुये राहुल गांधी के राजस्थान दौरे के दौरान पायलट को साइडलाइन रखे जाने की भी सियासी गलियारों में खासी चर्चा रही थी. इन महापंचायतों को सफल बनाने में पायलट खेमे के विधायक जी-जान से जुटे हुये हैं.