राजस्थान: निकाय चुनाव के नतीजे बता देंगे उपचुनाव का मिजाज, भाजपा- कांग्रेस की टिकी पैनी निगाहें

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The Fact India: राजस्थान (Rajasthan) के 20 जिलों के 90 निकायों में हो रहे चुनाव इस बार बेहद अहम होने वाले हैं. ये चुनाव इसलिए भी भाजपा- कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद प्रदेश की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. ऐसे में निकाय चुनाव का असर उपचुनाव पर भी देखने को मिल सकता है.

उपचुनाव के नतीजों का मिजाज ऐसे पता चलेगा

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक निकाय चुनाव को विधानसभा उपचुनाव (Rajasthan) के सेमीफाइनल के रूप में भी देखा जा रहा है और निकाय चुनाव के परिणामों का असर उपचुनावों पर भी पड़ने के आसार लगाए जा रहे हैं. सत्तारूढ़ कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी दल भाजपा को भी निकाय चुनाव के जरिए अपनी स्थिति का जानने का मौका मिलेगा.

क्या सत्तारूढ़ कांग्रेस को झोंकनी पड़ेगी पूरी ताकत?

आपको बता दें 30 निकायों (Rajasthan) में से पांच निकाय ऐसे भी हैं जो चार सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के क्षेत्रों में आते हैं. ऐसे में अगर निकायों में सत्तारूढ़ कांग्रेस की जीत होती है तो माना जाएगा कि इन विधानसभा क्षेत्रों की जनता सरकार के कामकाज पर ऐतबार करती है और यदि निकाय चुनाव में हार होती है तो उपचुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस को लाज बचाने के लिए पूरी ताकत झोंकनी पड़ सकती है.

इन निकायों के परिणाम डालेंगे उपचुनाव पर असर

प्रदेश (Rajasthan) के 30 निकायों में चुनाव भले हो, लेकिन सभी की निगाहें जिन पांच निकायों पर सबसे ज्यादा है इनमें कैलाश त्रिवेदी की विधानसभा सहाड़ा की गुलाबपुरा नगर पालिका, मास्टर भंवरलाल मेघवाल की सुजानगढ़ विधानसभा में सुजानगढ़ नगर परिषद और बिदासर नगर पालिका, किरण माहेश्वरी की राजसमंद विधानसभा की राजसमंद नगर परिषद और गजेंद्र सिंह शक्तावत की वल्लभनगर विधानसभा सीट की भिंडर नगर पालिका शामिल है.