कृषि कानून रद्द करने से नहीं होगा समाधान- राकेश टिकैत

agriculture law
agriculture law

The Fact India: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों (agriculture law) को रद करने को लेकर अजब बयान दिया है। राकेश टिकैत ने बृहस्पतिवार को तेलंगाना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार ने तीनों कृषि क़ानूनों को रद करने का फैसला किया है, लेकिन इससे समाधान नहीं होगा। किसानों की जो समस्या है, वह वैसी की वैसी है। जब तक केंद्र सरकार किसानों से बातचीत नहीं करेगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून नहीं लाएगी, तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।

यहां पर बता दें कि तीनों केंद्रीय कानूनों (agriculture law) वापस लेने का ऐलान खुद पीएम मोदी ने 19 नवंबर को किया था। इस पर संयुक्त किसान मोर्चा ने खुशी तो जताई लेकिन 6 अन्य मागों का पिटारा भी खोल दिया। इसमें एमएसपी पर कानून बनाने की मांग प्रमुख है।

नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों (agriculture law) को वापस लेने पर किसान नेता राकेश टिकैत ने टिप्पणी की थी। इसमें उन्होंने कहा था ‘ये सही है कि सरकार ने हमारी बात सुन ली है, लेकिन आंदोलन अभी जारी रहेगा। उन्होंने कहा है कि एमएसपी पर हमारी मांग पूरी होनी अभी बाकी है। राकेश टिकैत के अनुसार आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जो मांगे हैं, वह बरकरार हैं। सरकार कुछ भी कहती रही, नीतियां बदलती रही, लेकिन जब तक किसान और सरकार की मीटिंग नहीं होगी, आंदोलन खत्म करने के कोई संकेत नहीं हैं। इन मुद्दों पर बातचीत होनी चाहिए। राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार को पिछले दिनोैं पत्र जारी किया था। बातचीत के लिए प्रधानमंत्री ही आकर संबोधन करेंगे। देश कोई बाहर का नहीं, जो किसान शहीद हुए हैं, उनकी भी बात की जाएगी। तमाम ऐसे मुद्दे हैं। तकरीबन मुद्दे हमारे बहुत अधिक हैं, जब बातचीत शुरू होगी तो मुद्दे भी निकल कर आएंगे।