श्रीलंका के खिलाफ कप्तानी मिलने पर शिखर धवन ने कही ये बड़ी बात

Shikhar Dhawan
Shikhar Dhawan

The Fact India: ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन (Shikhar Dhawan) को श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया है। राहुल द्रविड़ श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के कोच होंगे, क्योंकि इस समय नियमित कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री इंग्लैंड के दौरे पर हैं, जहां 4 अगस्त से टेस्ट शुरू हो रही है। ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने श्रीलंका के साथ अपनी द्विपक्षीय प्रतिबद्धताओं को देखते हुए दूसरे दर्जे की टीम श्रीलंका भेजी है, जिसके कप्तान शिखर धवन और उपकप्तान भुवनेश्वर कुमार है।

Second t20 match: भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को आठ रन से दी मात, शेफाली वर्मा ने खेली तूफानी पारी

बाएं हाथ के बल्लेबाज शिखर धवन (Shikhar Dhawan) ने टीम इंडिया के कप्तान बनाए जाने को लेकर कहा कि उनके लिए ये बड़ी उपलब्धि है। गब्बर ने स्टार स्पोर्ट्स के शो फॉलो द ब्ल्यूज में बात करते हुए कहा, “यह मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है कि मैं भारतीय टीम का कप्तान बना हूं। एक नेता के रूप में, मेरा विचार है कि सभी को एक साथ और खुश रखा जाए – यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। हमारे पास खिलाड़ियों का एक अच्छा समूह है, बहुत अच्छा सहयोगी स्टाफ है, और हमने पहले भी काम किया है। जब मैं भारत ए का कप्तान था, राहुल द्रविड़ कोच थे, और मैं कई बार एनसीए गया हूं, इसलिए एक अच्छा रिश्ता है। मुझे यकीन है कि हमारे पास काफी ऊर्जा होगी और यह तब दिखेगा जब हम खेलेंगे।”

उन्होंने (Shikhar Dhawan) राहुल द्रविड़ के साथ अपने संबंध को लेकर कहा, “राहुल भाई से मेरे अच्छे संबंध हैं। जब मैंने रणजी ट्रॉफी खेलना शुरू किया था, मैं उनके खिलाफ खेला था और तब से मैं उन्हें जानता हूं। जब मैं इंडिया ए मैच खेलने गया तो मैं कप्तान था, और वह कोच थे, इसलिए बातचीत हुई। जब वे एनसीए के निदेशक बने तो हम वहां करीब 20 दिनों के लिए जाते थे, इसलिए हमारे बीच काफी बातचीत होती थी और अब हमारे बीच अच्छी केमिस्ट्री है। और अब जब हमारे पास एक साथ छह मैच खेलने का मौका है, तो यह बहुत मजेदार होगा, और मुझे लगता है कि हम सभी अच्छी तरह से तालमेल बिठाते हैं।”

वहीं, शिखर धवन (Shikhar Dhawan) ने श्रीलंका दौरे पर उनके साथ आए युवा खिलाड़ियों को लेकर कहा, “युवाओं को टीम में पाकर और उनके सपनों को साकार होते देख खुशी हो रही है। यह बड़ी बात है कि ये युवा अपने-अपने गृहनगर से कुछ सपने लेकर आए हैं, और उनके सपने पूरे हो रहे हैं। और अब, उन्हें उस यात्रा का आनंद लेना चाहिए जिसने उन्हें टीम इंडिया में उतारा, और उन्हें अपनी ताकत का मूल्य पता होना चाहिए और इसे कैसे सुधारना चाहिए। टीम में सीनियर हैं, इसलिए युवा उनसे सीखेंगे और इसके विपरीत, हमें युवाओं से सीखने को मिलेगा। जब भी मैं युवाओं से मिलता हूं तो अक्सर उनके सोचने के नए तरीके होते हैं, और मैं उन चीजों को सीखने की कोशिश करता हूं जो हमारी मदद करेंगी, और यह दोनों तरह से सीखना है।”