मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए डोटासरा ने सुनाया चप्पल और प्याज का किस्सा

The Fact India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी 21 जून से देश के सभी 18 वर्ष की उम्र से अधिक सभी नागरिकों के लिए पूरे देश में फ्री वैक्सीन लगाने का ऐलान किया. जिसके बाद राजस्थान में सियासी बयानबाजियां शुरू हो गई. पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने फ्री वैक्सीनेशन (Free-Vaccination) के ऐलान में हुई देरी को लेकर जमकर हमला बोला.

डोटासरा ने कहा कि जब पूरी दुनिया में प्रधानमंत्री की आलोचना होने लगी और बदनामी हुई तब मजबूरी में उन्हें यह फैसला लेना पड़ा. डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री कोरोना की गंभीरता को नहीं समझ सके जिसका खामियाजा बड़ी संख्या में लोगों को जान गवां कर उठाना पड़ा. केंद्र सरकार ने पहले कहा कि वह वैक्सीन (Free-Vaccination) का खर्च उठाएगी, लेकिन बाद में इससे मुकर गई.

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डोटासरा ने कहा कि हमारी वैक्सीन दूसरे देशों में जाती रही और भाजपा वाहवाही लूटती रही. कांग्रेस के नेताओं ने भी प्रधानमंत्री से सभी को जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगाने की गुजारिश की, लेकिन प्रधानमंत्री वैक्सीन की नीति पर पूरी तरह से फेल हो गए. डोटासरा ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के वैक्सीनेशन की दिशा में काम करने की भी जरूरत बताई.

इसी बीच डोटासरा ने एक रोचक किस्सा सुनाकर मोदी सरकार पर तंज कसा. किस्से के अनुसार एक व्यक्ति को 100 प्याज खाने की सजा दी गई. कुछ प्याज खाने के बाद उस व्यक्ति को वह सजा बहुत कठोर लगने लगी और उसने सजा का कोई दूसरा विकल्प पूछा. इस पर उसे चप्पलों से 100 बार मार खाने का विकल्प दिया गया. अब बारी-बारी से उसे एक सजा आसान और दूसरी वाली सजा कठिन लगने लगी. इस तरह उसने 100 प्याज भी खाए और 100 बार चप्पलों की मार भी खाई. डोटासरा ने कहा कि कुछ इसी तरह की हालत वैक्सीन के मुद्दे पर केंद्र सरकार की भी हुई. समय पर सही फैसला नहीं ले पाने के चलते केंद्र सरकार की खूब बदनामी भी हुई और उसे फ्री वैक्सीन की घोषणा भी करनी पड़ी. डोटासरा ने कल भी ट्वीट कर कहा था कि विश्वभर में फजीहत होने के बाद प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं के लिए फ्री वैक्सीन की घोषणा “अटका बनिया, देय उधार” वाली कहावत को चरितार्थ करती है