विधानसभा में गूंजा बेरोजगारी का मुद्दा, पूनिया ने मांगा श्वेत पत्र

Satish Poonia

The Fact India: राजस्थान में इन दिनों सड़क से लेकर सदन तक बेरोजगारी का मुद्दा छाया हुआ है. सोमवार को छात्र नेताओं ने राजधानी जयपुर में विधानसभा घेराव करने की कोशिश की लेकिन उन्हें 22 गोदाम पर हो रोक दिया गया. वहीं आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने विधानसभा में बेरोजगारी (Unemployment Issue) का मुद्दा उठाया और प्रदेश की गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा.

सतीश पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार को 35 माह हो गया, लेकिन अपने जन घोषणापत्र में युवाओं को रोजगार देने और रोजगार नहीं दे पाने पर बेरोजगारी (Unemployment Issue) भत्ता देने का वादा अब तक अधूरा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ट्वीट करके देश की बेरोजगारी की बात तो करते हैं, लेकिन वे भूल गए कि राजस्थान देश का सर्वाधिक बेरोजगारी वाला राज्य है, जहां 27.6 प्रतिशत बेरोजगारी है.

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गहलोत सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौजवानों ने सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ ट्विटर पर अभियान भी चलाया, जिसमें 6 लाख बेरोजगारों ने सरकार को चेताया. पूनिया के अनुसार यह तो केवल बेरोजगारों ने सरकार को आईना दिखाया है. 2023 में यही युवा प्रदेश सरकार को उखाड़ फेकेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि 2 साल के बजट में प्रदेश सरकार ने 1 लाख 78,000 भर्ती की बात कही, लेकिन प्रक्रिया में 40,000 की ही शुरू हो पाई.

वहीं पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अब जिस प्रकार के मामले सामने आए हैं, उसके बाद यह कहना गलत नहीं होगा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग अब कांग्रेस लोक सेवा आयोग बन चुका है. देवनानी ने इस दौरान आरपीएससी में चयन प्रक्रिया से साक्षात्कार बंद करने की मांग की और यह भी कहा कि आयोग में राजनीतिक नियुक्ति भी नहीं होनी चाहिए. देवनानी ने इस दौरान शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के रिश्तेदारों को साक्षात्कार के जरिए आरपीएससी द्वारा लाभ पहुंचाए जाने का मामला भी उठाया.