बदायूं में दोहराई गई निर्भया कांड की कहानी, पुजारी और चेले बने हैवान

प्रदीप आजाद

The Fact India: करीब आठ साल पहले की वो भयावह तस्वीर आपको याद होगी…देश का वो निर्भया काण्ड आपको याद होगा। आपको याद होंगे मुल्क में होने वाले महिला अत्याचारों के मामले भी लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी नहीं बदली कुछ वैसी ही तस्वीर, जैसी दिल्ली में निर्भया पर तैयार हुई थी और एक बार फिर दोहरा दी गई गुनाह की वो कहानी यूपी के बदायूं (Badaun Case) में। दोस्तों हिंदुस्तान में यूं तो महिलाओं की हिफाजत की बातें तो खूब की जाती है लेकिन जब निर्भया जैसे मामले सामने आते हैं तो लगता है कि गुनहगारों की तादाद अभी कम नहीं हुई।

अब चाहे निर्भया के दोषियों को फांसी मिल गई हो, हैदराबाद के प्रियंका काण्ड के आरोपियों को पुलिस एनकाउंटर की गोलियां नसीब हुई हो लेकिन कहानी अभी भी दोहराई जा रही है। आज जिस मुद्दे पर हम बात कर रहे हैं वो जुड़ा है यूपी के बदायूं से शायद घटना के बारे में आप जानते होंगे। नहीं तो हम आपको बता देते हैं कि आखिर एक अधेड़ महिला को मंदिर के एक पुजारी और उसके चेलों ने किस तरह यातनाएं दी। उसके प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड डाल दी गई, उसके फेफड़ों को फाड़ दिया गया, उसकी टांग तोड़ दी गई, पसलियां तोड़ दी गई और उसके साथ गैंग रेप की वारदात को अंजाम दिया गया। कहानी यहीं खत्म नहीं होती। इन आरोपियों ने महिला की जान ले ली और फिर उसकी लाश को महिला के घर के सामने फैंक दिया गया।

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जाहिर है आपकी भी रूह कांप सकती है ये दर्दनाक मंजर सुनकर लेकिन यूपी की पुलिस को कोई फर्क नहीं पड़ा, पुलिस ने आखिर इस मामले में क्या किया वो भी हम आपको बताएंगे लेकिन उससे पहले बता देते हैं वारदात की तफसील से पूरी दास्तां। दरअसल  उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उघैती इलाके में रविवार रात एक धर्मस्थल में इस वहशी वारदात को अंजाम दिया गया, यानि बदमाशों ने महिला से गुनाह का जो ठिकाना चुना वो मंदिर को चुना।

दरअसल वो महिला इसी मंदिर में रोजाना पूजा पाठ के लिए जाती थी, जाहिर है कि मंदिर के पुजारी से भी उसकी पहचान हो गई थी और ये वाजिब है लेकिन महिला का नहीं पता था कि ये पुजारी और उसके चेले ही उसकी जिंदगी को खत्म कर देंगे। आरोपियों ने रविवार रात का वक्त चुना और फिर महिला की अस्मत से जिस तरह खिलवाड़ किया गया। वो किसी के भी रोंगटे खड़ी कर सकती है, उस महिला से गैंग रेप, प्राइवेट पार्ट में रॉड डालना, पसलियों को तोड़ना और उसकी टांगों को तोड़ना, तमाम उन हालातों को बयां करती है जो वाकई किसी की भी रूह कंपा सकते हैं।

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अब हैरानी की दूसरी कहानी को भी जान लीजिए। घटना के बाद इलाके की पुलिस की नींद भी काफी वक्त बाद खुली। जिसके बाद इलाके के एक पुलिस अधिकारी को भी सस्पेंड कर दिया गया। दरअसल इस घटना के बाद जिले के तमाम आला अधिकारियों ने मौका देखा। हालांकि पुलिस ने इस मामले में इन दो आरोपियों पर शिकंजा कस दिया है लेकिन इलाके में सियासत करने वाले लोग भी यहां पहुंचे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी भी यहां बदायूं पहुंचीं३हालातों का जायजा लिया और सरकार की कार्रवाई पर भरोसा भी जताया। घटना के बाद महिला के परिवार में शौक छाया हुआ है।

दरअसल इस पूरे घटनाक्रम (Badaun Case) ने एक बात तो साफ कर दी है कि हिंदुस्तान में महिलाओं की हिफाजत के लिए चाहे बातें कितनी ही कर ली जाए लेकिन हालात आज भी वो की वो ही है। बहरहाल बदायूं की ये कहानी आखिर कैसे खत्म होगी…पता नहीं लेकिन इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली के निर्भया काण्ड के याद जरूर ताजा कर दी। वहीं अब देखना ये भी होगा कि इस घटना का मुख्य आरोपी वो पुजारी कब तक पुलिस के शिकंजे में आता है।