कृषि कानूनों की वापसी पर लगी मुहर, मोदी कैबिनेट की बैठक में मिली मंजूरी

The Fact India: प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान के बाद आज केंद्रीय कैबिनेट ने तीनों कृषि कानूनों (Three Agricultural Laws) की वापिसी पर मौहर लगा दी है. आज हुई मोदी कैबिनेट की मीटिंग में केंद्रीय कैबिनेट ने तीनों नए कृषि कानूनों की वापसी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु पर्व पर कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था. कैबिनेट की मंजूरी के बाद कानून वापसी के प्रस्ताव को संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों में पारित करवाया जाएगा. इसके बाद तीनों कृषि कानून खत्म हो जाएंगे.

PM मोदी ने बीते शुक्रवार को देश के नाम अपने संबोधन में तीनों नए कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि सरकार ये कानून किसानों के हित में नेक नीयत से लाई थी, लेकिन हम कुछ किसानों को समझाने में नाकाम रहे. प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले संसद सत्र में कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. वहीं, एक्सपर्ट्स के मुताबिक संसद सत्र शुरू होने के बाद कम से कम 3 दिन में ये प्रक्रिया पूरी हो सकती है. संसद सत्र 29 नवंबर से शुरू होना है.

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ऐसे होंगे तीनों कानून वापस

तीनों नए कृषि कानूनों को 17 सितंबर, 2020 को लोकसभा ने मंजूर किया था. राष्ट्रपति ने तीनों कानूनों के प्रस्ताव पर 27 सिंतबर को दस्तखत किए थे. इसके बाद से ही किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया था. जानकारी के मुताबिक किसी भी कानून को वापस लेने की प्रक्रिया भी उसी तरह होगी, जिस तरह से कोई नया कानून बनाया जाता है.

  • सबसे पहले सरकार संसद के दोनों सदनों में इस संबंध में बिल पेश करेगी.
  • संसद के दोनों सदनों से ये बिल बहुमत के आधार पर पारित किया जाएगा.
  • बिल पारित होने के बाद राष्ट्रपति के पास जाएगा. राष्ट्रपति उस पर अपनी मुहर लगाएंगे.
  • राष्ट्रपति की मुहर के बाद सरकार नोटिफिकेशन जारी करेगी.
  • नोटिफिकेशन जारी होते ही कृषि कानून रद्द हो जाएंगे.