योगी को ‘चिलमजीवी’ बोलने पर उमा भारती ने अखिलेश पर साधा निशाना

The Fact India: उत्तर प्रदेश की सियासत गर्माती जा रही है. चुनाव से पहले आरोप प्रत्यारोप का दौर परवान चढ़ रहा है. इसी बीच अखिलेश यादव के योगी आदित्यनाथ को चिलमजीवी (Chilamjeevi) बताने वाले बयान पर सियासत गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 2017 में भी अखिलेश ने योगी आदित्यनाथ को बाबा कहकर अपमानित किया था, जिसका परिणाम उन्हें विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ा था.

उमा भारती ने कहा कि राजनीति में आमर्यादित भाषा (Chilamjeevi) का प्रयोग करना अखिलेश यादव को एक बार फिर बहुत भारी पड़ने वाला है. इसके साथ ही उमा भारती ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के अयोध्या काशी के बाद मथुरा की बारी वाले बयान को उनका व्यक्तिगत बयान बताया है. उन्होंने कहा कि यह एजेंडा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पार्टी और विश्व हिंदू परिषद तय करता है. भाजपा आने वाले विधानसभा चुनाव में पहले से भी अधिक सीटें जीतेगी.

इमरान खान की इंटरनेशनल फजीहत, सर्बिया में पाक एम्बेसी ने कहा- 3 महीने से सैलेरी नहीं ये है नया पाकिस्तान

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती शनिवार सुबह कार से महोबा पहुंचीं. वह बनारस से हमीरपुर के राठ में स्वामी ब्रह्मानंद के जन्मोत्सव में भाग लेने के लिए जाते समय सुबह करीब दस बजे कुछ देर के लिए महोबा में रुकीं. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह गंगा के किनारे ही प्रवास कर रही हैं. बनारस से राठ जा रही हूं, वह जब तेरह साल की थीं तबसे ब्रह्मानंद जी के संपर्क में आईं और उनकी महिमा धीरे-धीरे मेरे मन में बैठती गई.

अखिलेश के चिलमजीवी भाषा के प्रयोग पर कहा कि वह असभ्य भाषा प्रयोग कर रहे हैं. उसका उन्हें परिणाम भुगतना होगा. अपने आपको बड़ा होशियार समझना उनकी भूल है. उसकी 400 सीटों पर जीत की दावेदारी हवा हो जाएगी. भाजपा आने वाले चुनाव में पहले से भी अधिक सीटें जीतेगी.

पृथक बुंदेलखंड के सवाल पर कहा कि भाजपा हरदम छोटे राज्यों की पक्षधर रही है. कहा कि बुंदेलखंड का नक्शा कम पड़ रहा है, बुंदेलखंड की मांग करने वाले संगठन दो राज्यों को जोड़ कर पृथक बुंदेलखंड बनाने की मांग रहे थे, इसी लिए समस्या है. मध्यप्रदेश के लोग यहां आने को तैयार नहीं, जनता जब तैयार नहीं होती तो कैसे मिला सकते हैं. बल्कि अटल जी की सरकार में बुंदेलखंड क्षेत्र के नाम से एक संगठन भी बनाया गया था, जिसके अध्यक्ष बाबूराम निषाद बनाए गए थे.