महाराष्ट्र में हालात बेकाबू, एक चिता पर जली 8 लाशें, लकड़िया हुई खत्म

Corona records in maharashtra

The Fact India: महाराष्ट्र में हर दिन कोरोना के रिकॉर्ड (Corona records in maharashtra) मामलों के बीच बीड जिले से ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर किसी का भी दिल पसीज जाएगा. यहां एक साथ आठ शवों के अंतिम संस्कार किए जाने की खबर है. ऐसा ही एक मामला औंरगाबाद जिले से भी सामने आया है. यहां के श्मशान घाट में इतनी जगह नहीं बची है कि नई चिताएं जलाई जा सकें.

एक चिता में जलाए गए 8 शव

बीड के अंबाजोगाई नगरपालिका के पठाण मांडवा के पास कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार के लिए एक जगह निश्चित की गई है. यहां पर एक साथ 8 चिताओं को आग दी गई. मरने वालों में 1 कम उम्र की महिला और सभी मृतक 60 साल से ऊपर की उम्र के हैं. वहीं औरंगाबाद के श्मशान घाट में भी जगह की कमी हो गई है. इतने बड़े पैमाने पर शव आ रहे हैं कि एक चिता के बुझने से पहले ही दूसरी चिताओं को आग लगानी पड़ रही है. कोरोना से पैदा हुए भयानक हालात (Corona records in maharashtra) का असर औरंगाबाद के टीवी सेंटर के पास मौजूद श्मशान घाट में साफ दिखाई दे रहा है.

भुसावल में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां नहीं जलगांव जिले का हाल तो ये हो गया है कि यहां भुसावल में मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां कम पड़ गई हैं. तापी नदी के पास मौजूद श्मशान भूमि में हर दिन आमतौर पर दस से पंद्रह मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाता है. लेकिन फिलहाल ये संख्या हर रोज बढ़ती जा रही है. हालात ये हो गए हैं कि शवों के लिए सूखी लकड़ियां तक नहीं मिल पा रही हैं. काफी कोशिशों के बाद आस-पास के गांवों से लकड़ियां मंगवाई जा रही हैं, ताकि अंतिम संस्कार की क्रिया पूरी की जा सके. श्मशान में शवों की लाइन इतनी लंबी है कि चिता जलाने के लिए लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है. वहीं लकड़ियां न मिलने की वजह से भी अंतिम संस्कार में देरी हो रही है.