पीएम इंटरनेशल लेवल पर हिंदी बोल सकते हैं तो हमें शर्म क्यों आती है- अमित शाह

Amit Shah

The Fact India: देश में हर साल 14 सितंबर के दिन हिंदी दिवस मनाया जाता है. हिंदी दुनिया में सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषाओं में शामिल है. हिंदी दिवस के मौके पर आज ज्ञान भवन में हिंदी दिवस समारोह और पुरस्कार वितरण का आयोजन किया गया जिसमें गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने अध्यक्षता की. इस मौके पर हिंदी के बारे में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि अगर हमारे प्रधानमंत्री इंटरनेशल लेवल पर हिंदी बोल सकते हैं तो हमें किस बात पर शर्म आती है?

हिंदी बोलने में शर्म क्यों आती है?

अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि आत्मनिर्भर होना केवल देश में उत्पादन करना नहीं है, हमें भाषाओं के साथ भी आत्मनिर्भर होना पड़ेगा. अगर पीएम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी बोल सकते हैं, तो हमें किस बात पर शर्म आती है? वे दिन गए जब हिंदी में बात करना चिंता का विषय था.

गृहमंत्री अमित शाह ने ट्विट कर दी हिंदी दिवस की बधाई

इसके अलावा देशवासियों को हिंदी दिवस की बधाई देते हुए अमित शाह (Amit Shah) ने ट्वीट किया कि हिंदी दिवस के अवसर पर मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूँ कि मूल कार्यों में अपनी मातृभाषा के साथ राजभाषा हिंदी का उत्तरोत्तर प्रयोग करने का संकल्प लें. मातृभाषा व राजभाषा के समन्वय में ही भारत की प्रगति समाहित है. आप सभी को ‘हिंदी दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं.

भाषा मनोभाव व्यक्त करने का सशक्त माध्यम

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि भाषा मनोभाव व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है. हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना व राष्ट्रीय एकता का मूल आधार होने के साथ-साथ प्राचीन सभ्‍यता व आधुनिक प्रगति के बीच एक सेतु भी है. मोदी जी के नेतृत्व में हम हिंदी व सभी भारतीय भाषाओं के समांतर विकास के लिए निरंतर कटिबद्ध है. अमित शाह ने कहा कि मातृ भाषा और राजभाषा के समन्वय में ही भारत की प्रगति है.