World Laughter Day: जानिए विश्व लॉफ्टर दिवस से जुड़ी रोचक बातें

Laughter

The Fact India: देश में फैली कोरोना महामारी से हर जगह नकारात्मकता फैली है आज वर्ल्ड लाफ्टर डे पर थोड़ा हसना बनता है नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलना चाहिए। 2 मई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्ल्ड लॉफ्टर डे (विश्व हंसी दिवस) मनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य लोगों को हेल्दी और हैप्पी लाइफ जीने के लिए प्रेरित करना है.

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इसे पहली बार 28 जुलाई 2008 को मुंबई में डॉक्टर मदन कटारिया के प्रयासों के कारण मनाया गया था. डॉक्टर मदन कटारिया लॉफ्टर योग आंदोलन के संस्थापक हैं. डॉक्टर मदन कटारिया ने ही 1998 में विश्व लाफ्टर डे बनाया क्योंकि वो हंसने से होने वाले फायदों से काफी प्रेरित थे और खासकर हंसने से चेहरे पर आने वाले एक्सप्रेशंस से. ऐसा देखा गया है कि हंसने के दौरान चेहरे की मांसपेशियां काफी खिंचती हैं जिससे कि भावनाओं में भी उतार-चढ़ाव आते हैं.

वर्ल्ड लॉफ्टर डे का इतिहास

वर्ल्ड लॉफ्टर डे की शुरुआत भारत से ही हुई है। इसका श्रेय लॉफ्टर योग आंदोलन के संस्थापक डॉ. मदन कटारिया को जाता है। उन्होंने ही 11 जनवरी 1998 को मुंबई में पहली बार वर्ल्ड लॉफ्टर डे मनाया गया था। इसे मनाने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य यह था कि समाज में बढ़ते तनाव को कम करना। दैनिक दिनचर्या के कारण लोगों के जीवन में हंसने के मौके कम होते जा रहे हैं। ऐसे में 1998 में सोचा गया कि क्यों न ऐसा कुछ किया जाए जिसके बहाने ही लोग एक दूसरे से बात कर थोड़ी देर के लिए ही सही पर हंस लें।

वर्ल्ड लॉफ्टर डे का महत्व:

वर्ल्ड लॉफ्टर डे एक बहुत ही सुंदर, शक्तिशाली, सकारात्मक भावना को समर्पित दिन है. आज के समय में जब दुनिया एक भीषण महामारी से जूझ रही है ऐसे में वर्ल्ड लॉफ्टर डे एक ताज़ी हवा के झोंके की तरह राहत भरा है.जिंदगी में जब काफी उतार-चढ़ाव चल रहे हों ऐसे कठिन समय में अपनी चिंताओं और परेशानियों पर हंसने के अलावा क्या ही बेहतर हो सकता है. हंसना वास्तव में सबसे अच्छी दवा है. अविश्वसनीय रूप से हंसने के बेशुमार फायदे हैं. खुश रहना स्वस्थ जीवनशैली की कुंजी है. इसके पीछे कई वैज्ञानिक सबूत भी मौजूद हैं