बाड़मेर: SP की कुर्सी को लगा ‘ग्रहण’, पिछले 19 माह में 3 के तबादले, 3 APO

The Fact India: राजस्थान के बाड़मेर में दलित युवक के प्राइवेट पार्ट में सरिया डालने का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने एक्शन में आते हुए एसपी को एपीओ कर दिया था. जिसके बाद अब बाड़मेर पुलिस अधीक्षक (Barmer SP) का पद एक बार फिर चर्चोओं में आ गया है. दरअसल यहां पिछले 19 माह 7 दिन में एक के बाद एक 6 पुलिस अधीक्षक बदले जा चुके हैं. यहां तक की इस दौरान 3 पुलिस अधीक्षकों को अलग-अलग घटनाओं के चलते एपीओ किया गया है.

पिछले दिनों पुलिस हिरासत में युवक जीतू खटीक की मौत के बाद बाड़मेर एक बार फिर चर्चाओं में है. इस मामले में एक बार फिर यहां से पुलिस अधीक्षक को एपीओ कर दिया गया है. पिछले करीब ड़ेढ वर्ष से ज्यादा समय में यहां अपराध की कई गंभीर वारदातें हुई हैं.

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जिसके कारण यहां से बार-बार पुलिस अधीक्षक को हटाना पड़ रहा है. पुलिस अधीक्षक के लगातार बदले जाने के बाद भी अपराध के आंकड़ों में कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है. गंभीर वारदातों के चलते राज्य सरकार इस अवधि में तीन आईपीएस अधिकारियों को यहां से एपीओ कर चुकी है.  

आईपीएस मनीष अग्रवाल को विधानसभा चुनावों के दौरान विवादों के कारण एपीओ किया गया था. वहीं आईपीए शिवराज मीणा को कार रेसिंग दुर्घटना में तीन लोगों की मौत के कारण एपीओ किया गया था. आईपीएस शरद चौधरी को हाल ही में पुलिस हिरासत में मौत के मामले 2 दिन पहले एपीओ किया गया है.

6 पुलिस अधीक्षक

20 जुलाई 2018 को गगनदीप सिंगला का तबादला हुआ
23 नवंबर 2018 को मनीष अग्रवाल एपीओ हुए
8 जनवरी 2019 को राहुल बारहठ का तबादला
5 जून 2019 को राशि डोगरा का तबादला
22 सितंबर 2019 शिवराज मीणा को एपीओ किया गया
27 फरवरी 2020 को शरद चौधरी को एपीओ किया गया

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