भाजपा ने कहा- संविदाकर्मियों को पकड़ाया सब-कमेटी का झुनझुना तो कांग्रेस ने बताया सफेद झूठ

The Fact India: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार बेरोजगारी और बिगड़ती कानून व्यवस्था के मामले में लगातार घिरती जा रही है. विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भाजपा ने गहलोत सरकार को चौतरफा घेरने (Jan Aakrosh) की रणनीति तैयार की है. भाजपा सदन के अंदर तो घेरेगी ही. साथ ही विधानसभा का भी घेराव कर जन आक्रोश मार्च निकलेगी. जिसे लेकर सियासत तेज हो गई है.

भाजपा ने आज प्रदेश में बेरोज़गारों और संविदाकर्मियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बेरोज़गारों को राजस्थान की कांग्रेस सरकार के राज में सरकारी नौकरियां नहीं मिल रहीं हैं. कांग्रेस ने चुनाव घोषणा पत्र के वादे पूरे नहीं किए हैं. इसी तरह संविदाकर्मियों को भी एक सब-कमेटी का झुनझुना पकड़ा दिया गया है. जबकि कांग्रेस ने चुनाव से पहले उन्हें नियमित करने का वादा किया था. दूसरी ओर कांग्रेस ने बीजेपी पर सफेद को काला और काले को सफेद बोलने वाली पार्टी और झूठ बोलने वाली पार्टी करार दे दिया है. आरोप है कि बीजेपी सदन के अन्दर और बाहर दोनों जगह झूठे आंकड़े पेश कर रही है.

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अपनी सरकार का बचाव करते हुए मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी और कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बीजेपी पर झूठ बोलने के आरोप लगाए हैं. महेश जोशी ने कहा कि हम शुरू से यह बात कहते आए हैं कि बीजेपी ऐसी पार्टी है, जो ऐसे मामलों को मुद्दा बनाती है, जो मुद्दा नहीं होते हैं. बीजेपी काले को सफेद और सफेद को काला कहती है. वह अपनी कथनी और करनी में फर्क रखती है.

वहीं कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बीजेपी को अपराध बोध से पीड़ित करार दिया है। खाचरियावास ने बीजेपी पर सियासी तीर छोड़ते हुए कहा कि बीजेपी को पहले मोदी जी के नाम पर वोट मिल रहे थे, लेकिन अब वोट घट रहे हैं. लोगों को 15 लाख देने,अच्छे दिन लाने, पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर सस्ता करने के नारे जो लगाए गए थे, वो दिन अब जनता को याद आ जाते हैं. उन्होंने कहा बीजेपी बिजली के मिस मैनेजमेंट के आरोप लगा रही है, लेकिन मैनेजमेंट में कमी नही है.