Corona Blast: मान भी जाओ ‘सरकार’, कोरोना चल रहा है…

प्रदीप आजाद

The Fact India: हुकूमत माई बाप होती है साहब, उसे अपने सूबे की जनता का पूरा ख्याल होता है। उसके सुख दुख में वो हर वक्त भागीदार होती है और इसकी सीधी तस्वीर हमने इस साल बेहद करीब से देखी है…कोरोना (Corona blast) के वक्त। कोरोना की शुरूआत से ही सरकार ने लोगों के हितों के लिए कड़े नियम कायदे बनाएं। आम लोगों ने उसकी पालना भी की और जनाब अभी भी कर रही है। अब देखिए, कल से प्रदेश के कुछ शहरो में रात के वक्त कर्फ्यू लग जाएगा। सूबे के कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन लग जाएगा यानि कुछ इलाकों में फिर से पहले वाली ही तस्वीर तैयार होने लगी है और इसकी वजह है कोरोना (Corona blast) की मार।

बॉर्डर पर किसान आंदोलन…अब नेता उगा रहे सियासी फसल

अब और एक महीने तक स्कूल कॉलेज के ताले भी नहीं खुलेंगे, कहने का मतलब है कि सरकार ने लोगों के हितों के लिए वो तमाम नियम बना डाले। जिससे की लोगों की सुरक्षा हो सके, लोग महफूज रह सकें लेकिन जनाब जो बीमारी होती है ना वो आम और खास में कोई फर्क नहीं करती और इसकी तस्वीरें भी हम लगातार देख रहे हैं। कई लोगों की जान चली गई इसी कोरोना की वजह से और लोगों को तो अब डर भी सताने लगा है। लेकिन वहीं कुछ दूसरी तस्वीरें भी तैयार हो रही हैं और वो भी डराती है कि साहब ये क्या हो रहा है।

जनाब मुद्दा केवल यही कि क्या सारे कानून आम लोगों के लिए ही हैं, क्या हुकूमत करने वालों पर ये नियम लागू नहीं होते। अब जब एक तरफ कोर्ट भी सरकारों को आड़े हाथ ले चुके। सरकारें भी कड़े नियम और कानून बना चुकी तो क्या उन नियम और कानून के तहत ऐसे लोग नहीं आते। हंसी आती है जनाब कि एक तरफ तो ये कहा जाता है कि कोरोना से बचाव के नियम कायदों का पालन करें लेकिन वहीं अपनी सभा के लिए भीड़ भी कुछ इस तरह जुटाई जाती है कि अपना सियासी उल्लू भी सीधा हो जाए। लोगों की भीड़ भी जुट जाए और लगे हाथ ये भी कह डाले कि कोरोना से बचाव के लिए नियमों को पालन करें भीड़भाड़ वाले इलाकों में ना जाए तो अब सवाल ये कि क्या सूबे की सरकार इन लोागों पर कोई कार्रवाई करेगी या फिर नेताओं की इन सभाओं में कोरोना नहीं आता।

पूरी जिंदगी जेल में रहेगा जयपुर का ये ‘जीवाणु’

राजस्थान में भाजपा की कद्दावर नेता किरण माहेश्वरी जी भी निगम चुनाव प्रचार के दौरान ही कोरोना की जद में आई थी। साहब आखिर नतीजा बेहद दुखद रहा और किरण जी आज हमारे बीच नहीं रही। जनाब जब सरकार ने शादी पार्टी और दूसरे आयोजनों में लोगों की तादाद तय कर दी है। नियम तोड़ने वालों को सजा देने का एलान कर दिया गया है तो फिर नेताओं की इन सभाओं के लिए भी कोई नियम बना दीजिए। माना चुनाव के लिए सियासत भी जरूरी है। मीटिंग भी अहम है, लोगों की भीड़ भी जरूरी है लेकिन अगर इसी भीड़ में किसी भी कोने से अगर कोरोना (Corona Blast) की एंट्री हो गई और आपका इम्यूनिटी सिस्टम या फिर हाजमा कमजोर है तो साहब क्या करिएगा, फिर तो केवल संवेदनाएं ही जताई जाएगी ना सरकार अब भी मान जाइए। नियम बना दीजिए, नेताओं की सभाओं के लिए भी ताकी एक बार बस कोरोना को हरा दें। फिर खूब सभाएं भी हो जाएंगी, बड़े जलसे भी होंगे और सरकार को कंधों पर भी उठा लिया जाएगा, बस अभी मान जाइए।