कोरोना में मौत का साया: सरकार ने 17 जिलों में 15 दिन के भीतर 970 मौतें गिनाईं

Corona

The Fact India: कोरोना (Corona) ने पुरे देश में कोहराम मचा रखा हैं राजस्थान भी इस से अछूता नहीं हैं।  एक और ऑक्सीजन की कमी तो दूसरी और मोक्षधाम में लगती लम्बी लम्बी कतारे।  राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर समेत 17 बड़े जिलों में मुक्तिधाम और कब्रिस्तानों का ऑडिट किया तो पता चला कि इन जिलों में पिछले 15 दिन में ही 1895 शवों की अंत्येष्टि की गई। जबकि सरकारी आंकड़ों में इन्हीं 17 जिलों में 15 दिन के अंदर 970 मौतें ही गिनाई गई हैं।

कोचिंग गुरु वीके बंसल का निधन, कोरोना से थे संक्रमित

यानी 925 मौतें तो सिर्फ 17 जिलों में छिपाई गई हैं। पूरे 33 जिलों का आंकड़ा जोड़ें तो और भी डरावनी तस्वीर सामने आएगी। कई जिलों में कोरोना से मौतों के मुकाबले काेरोना प्रोटोकॉल के तहत की जाने वाली अंत्येष्टि की संख्या कम है तो कहीं इनमें करीब सौ तक का अंतर है। भीलवाड़ा में कोरोना से 22 मौतें बताई गईं, लेकिन 119 की अंत्येष्टि प्रोटोकॉल के तहत की गई।

बीकानेर के मरुधरा नगर में रहने वाली 22 साल की रेणु भार्गव अपने पिता का शव एंबुलेंस में लेकर परदेसियों की बगेची मुक्तिधाम पहुंची। उसे अकेले देख श्मशान के व्यवस्थापक भी चौंके। पूछने पर पता चला कि पिता की मौत कोरोना से होने के कारण परिवार का कोई सदस्य साथ नहीं आया। प्रबंधक राजीव गौड़ ने बताया कि बिटिया की आंखें रो-रोकर पथराई हुई थी। श्रमिकों की मदद से शव उतरवाकर कोविड प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

कोटा के किशाेरपुरा मुक्तिधाम में माेईनखान बीते 10 वर्षाें से चिताएं तैयार कर रहे हैं। बाेले- मेरा परिवार 40 साल से यह काम कर रहा है। पिछले साल से यहां शवाें की जाे लाइन लगी देखी है, वह मेरे दादा और पिता ने भी नहीं देखी। सुबह 7 बजे से सूर्यास्त तक चिताएं तैयार करता रहता हूं। जाे लाेग काेराेना को हल्के में लेकर गाइडलाइन का मखाैल उड़ा रहे हैं, वे दिनभर यहां रुककर नजारा देख लें। बीते 15 दिन की स्थिति सबसे डरावनी है।