भारत माला प्रोजेक्ट में मुआवजा मांगने पर एसडीएम ने मारी किसान को लात

The Fact India: आक्रोशित किसानों (Farmers) और प्रशासन की मुठभेड़ में एसडीएम ने एक किसान को लात मार दी. दरअसल, मामला जालौर के सांचौर क्षेत्र के प्रतापपुरा गांव का है. गुरुवार को आक्रोशित किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की और हाथापाई हो गई इस दौरान एसडीएम भूपेंद्र यादव ने एक किसान नरसिंहराम चौधरी को लात मार दी. जिसका एक वीडियो वायरल हो रहा है. पुलिस ने ग्रामीणों को मौके से हटाकर मामला शांत किया. इसके बाद एसडीएम की ओर से राजकार्य में बाधा ड़ालने का मुकदमा दर्ज करवाया गया. आक्रोशित किसानों ने देर रात किसान पंचायत बुलाई और शुक्रवार को एसडीएम का घेराव करने का फैसला लिया.

एसडीएम ने कहा ये

भारत माला परियोजना के तहत अमृतसर से जामनगर तक बनने वाले एक्सप्रेस वे 754 K का निर्माण कार्य प्रतापपुरा की सरहद में गुरुवार को ही शुरु हुआ जिसे ग्रामीणों ने रुकवा दिया. वही एसडीएम का कहना है कि किसान उनकी तरफ लाठी लेकर बढ़ रहा था इसलिए उन्हें लात मार उसे दूर करना पड़ा.

मामला कोर्ट में, कोरोनाकाल में नहीं हो पाई सुनवाई, किसानों ने नहीं लिए अवॉर्ड

जिस जमीन की कीमत बाजार के अनुसार करीब 10 लाख है वह डीएलसी से 45 हजार रुपए बीघा की दर से दाम लगाया जा रहा है. इसको लेकर किसान (Farmers) 2019 में हाईकोर्ट भी गए थे. जहां किसानों के खिलाफ फैसला आने पर अभी मामला डबल बेंच में है. कोरोनाकाल में मामले की सुनवाई नहीं हो पाई. किसानों का कहना है अवार्ड राशि जारी हो चुकी है, जबकि मकान, पेड़, कुएं समेत अवाप्ति राशि आनी है, जो काफी कम है. यह मामला बड़सम से गुजरात बॉर्डर तक 10 किमी के बीच का है. फैसले तक काम रोकने के लिए कंपनी नहीं मान रही है.

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जमीन पर कोई स्टे नहीं

एसडीएम भूपेंद्र यादव का कहना है कि किसानों ने काम रुकवा दिया जिस कारण वे मौके पर पहुंचे. वहां पहुंच उन्होंने किसानों से समझाइश की कोशिश की पर तभी एक किसान लाठी लेकर उनकी तरफ बढ़ा अपने बचाव में उन्होंने लात मारी. वही उन्होंने यह भी बताया कि मामला हाईकोर्ट में जरुर है  पर कोई स्टे नहीं है. पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज की है.