वसुंधरा समर्थकों के पत्र पर कटारिया और राठौड़ ने जताई हैरानी

The Fact India: राजस्थान भाजपा में खड़ा हुआ बवाल थामने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच अब एक लेटर (BJP Letter) के चलते भाजपा की अंदरूनी सियासत गरमा गई है. वसुंधरा राजे गुट के विधायकों ने प्रदेश नेतृत्व पर पक्षपात का आरोप लगाया है. इसे लेकर इन विधायकों इसी शिकायत राष्ट्रिय अध्यक्ष जेपी नड्डा से की है. इस मामले में अब नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की भी प्रतिक्रिया सामने आई है.

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कटारिया ने इस मामले में हैरानी ((BJP Letter)) जताते हुए कहा कि अगर किसी विधायक को इस तरह की कोई आपत्ति थी तो एक चिट्ठी उन्हें भी लिख देते, जिससे उन्हें पता तो लगता कि खामी कहां रह रही है? उन्होंने कहा कि वो वहीं काम कर सकते हैं जो पार्टी-संगठन के हित में है. उन्होंने 40 साल के राजनीतिक करियर में पार्टी लाइन से अलग हटकर कोई काम नहीं किया है. इस मामले में समझने की वो कोशिश कर रहे है और इसका हल निकालने में जुटे हुए हैं.

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वहीं दूसरी ओर प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने भी चिट्ठी प्रकरण को चौंकाने वाला बताया. राठौड़ ने कहा कि भाजपा में इस तरह की कांग्रेसी संस्कृति कभी भी हावी नहीं रही है. उन्होंने कहा कि न तो यहां इस तरह की चिठ्ठियां लिखी जाती हैं और न ही नेतृत्व को ललकारा जाता है. आगे उन्होंने कहा कि अगर किसी विधायक को आपत्ति थी तो हर मंगलवार को होने वाली विधायक दल की बैठक में अपना मुद्दा रखा जा सकता था. प्रतिपक्ष के उपनेता ने कहा कि इस मुद्दे पर विधायक दल की बैठक के साथ ही कोर कमेटी में भी चर्चा होगी. राठौड़ ने कहा कि जिन विधायकों के नाम चिट्ठी लिखने में आ रहे हैं उनमें से 80 फ़ीसदी तो राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में बोल भी चुके हैं.