ताजमहल पर दीया कुमारी का बड़ा बयान, बोली – ‘वो हमारी प्रॉपर्टी’

The Fact India : प्रेम की मिसाल के नाम पर पूरी दुनिया में फेमस और सात अजूबों में शामिल ताजमहल के बारे में तो आप सब जानते ही हैं. आप में से बहुत सारे लोगों ने तो इसका दीदार भी किया होगा. ताजमहल के पीछे की कहानी भी आप सब जानते ही हैं कि, शाहजहां ने अपने प्यार का इज़हार करने के लिए अपनी बेगम मुमताज की याद में यह महल बनवाया था. लेकिन ताजमहल जितना खूबसूरत हैं, उतना ही उलझा हुआ इसका इतिहास भी हैं. 1965 से ताजमहल पर विवाद चले आ रहे हैं. 1935 में इतिहासकार पीएन ओक ने अपनी किताब में दावा किया कि ताजमहल एक शिव मंदिर है. उसके बाद 2015 में आगरा के सिविल कोर्ट में ताजमहल (Taj Mahal Diya Kumari) को तेजोमहालय मंदिर घोषित करने की याचिका दाखिल हुई. उसके बाद 2017 में बीजेपी सांसद विनय कटियार ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को ताजमहल को तेजोमहल घोषित करने की मांग रखी. लेकिन अब ताजमहल पर एक नया विवाद शुरू हो गया हैं और अब इस बार इसकी जड़े जुडी हैं जयपुर के पूर्व राजघराने के साथ. अब ये पूरा एपिसोड क्या हैं, आज हम आपको इसी बारे में बताएंगे.

दरअसल, पूर्व राजघराने की राजकुमारी और वर्तमान में सवाई माधोपुर से सांसद दीया कुमारी ने आगरा के ताजमहल पर अनोखा दावा किया हैं. उन्होंने कहा कि, ताजमहल (Taj Mahal Diya Kumari) उनके पैलेस की प्रॉपर्टी हैं. इसके साथ ही दीया कुमारी ने यह भी दावा किया हैं कि, उनके पास इस मामले से जुड़े सारे डाक्यूमेंट्स भी हैं, जिनमें लिखा हैं कि, ताजमहल की जमीन पूर्व राजघराने की हैं.

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दरअसल, दीया कुमारी का कहना हैं कि, ताजमहल पहले जयपुर के पूर्व राजपरिवार का एक पैलेस था. जिस पर शाहजहां ने कब्जा कर लिया था. उन्होंने ये भी कहा कि, जब शाहजहां ने (Taj Mahal Diya Kumari) जयपुर परिवार का वह पैलेस और जमीन ली थी, उस समय उनकी मुगल सरकार थी. इसलिए कोई भी उनका विरोध नहीं कर सके. साथ ही सांसद दिया ने ये भी कहा कि, यदि आज कोई भी सरकार किसी जमीन को एक्वायर करती है तो उसके बदले में मुआवजा देती है. लेकिन उस समय उसके बदले में कोई मुआवजा नहीं दिया गया और उस समय ऐसा कोई कानून भी नहीं था कि उसके खिलाफ अपील या विरोध किया जा सकता था.

बता दें कि, दीया कुमारी ने बुधवार को जयपुर में मीडिया से रूबरू होते हुए इस बात का खुलासा किया हैं. साथ ही उन्होनें यहां तक कहा कि, अगर सुप्रीम कोर्ट दस्तवेज मांगता है तो वे दस्तावेज भी उपलब्ध करा देंगे. ज़ाहिर सी बात हैं कि, दीया कुमारी के इन इन बयानों के बाद अब नया पेंच फंसता जा रहा है. इधर जयपुर (Taj Mahal Diya Kumari) में दीया कुमारी ने यह दावा कर दिया, तो वहीं दूसरी ओर अयोध्या से भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक याचिका दायर की है और इस याचिका में उन्होंने ताजमहल के बंद 20 कमरों को खोलने का निर्देश देने की मांग की है. अब उनकी इस याचिका पर 12 मई सुनवाई होगी. बहरहाल देखना यही हैं कि, कोर्ट जांच मामले में क्या फैसला लेता हैं और अगर कोर्ट जांच के आदेश दे भी देता हैं, तो फिर क्या – क्या नए तथ्य सामने आते हैं, ये देखना भी दिलचस्प होगा.