इस साल कुम्हारों से खरीदें दीपक, इस फैसले से अब कम दाम में रोशन होंगे आपके घर

The Fact India: दिवाली का त्योहार नजदीक आ रहा है. ऐसे में अब लोग अपने घरों को सजाने के लिए अलग-अलग प्रकार की चीजें खरीद रहें हैं. ऐसे मौकों पर हर बार यही चर्चा होती है कि हमे अपने स्थानीय कुम्हारों को बढ़ावा देना है पर होता उल्टा ही है. अक्सर हम कुम्हारों को नजरअंदाज कर चाइनीस चीजों को ज्यादा बढ़ावा देते हैं. लेकिन इस बार कुम्हारों को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान प्रदेश के कई जिला कलेक्टर्स ने आदेश जारी किए है कि अब उनपर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगाया जाएगा. इससे कुम्हार तो प्रोत्साहित होंगे ही साथ ही जब टैक्स नहीं लगेगा तो वो अपना सामान कम दामों में भी बेच सकेंगे. जिससे लोग भी ज्यादा से ज्यादा मात्र में उनसे ही खरीददारी करना पसंद करेंगे.

कलेक्टर के आदेश      

मिट्टी के दीये और बर्तन बनाकर अपने परिवार का पालन करने वाले कुम्हारों से अब टैक्स या कोई वसूली नहीं की जाएगी. प्रशासन,  नगर परिषद,  नगर पालिका या ग्राम पंचायत की ओर से शुल्क के नाम वसूली की शिकायत मिल रही थी. जिससे कुम्हारों को असुविधा का सामना करना पड़ता है. नागौर और चित्तोड़ सहित कई जिला कलेक्टर ने इस विषय में आदेश जारी कर इस पर रोक लगाई है. अब गुरुवार से कुम्हारों से किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लिया जाएगा. साथ ही उनका कहना है कि मिट्टी के दिये और बर्तन बनाने वालों को प्रोत्साहित किया जाए और बढ़ावा भी दिया जाए.

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परंपरागत और प्राकृतिक चीजों को बढ़ावा देना है. साथ ही सभी को मिलकर कुम्हार बिरादरी को व्यापार में सहयोग व प्रोत्साहित करना है. जिससे देश- प्रदेश में कुम्हारों की परंपरा बनी रहे. यह काम व्यवसाय और क्षेत्रीय परंपरा से जुड़ा होने के साथ-साथ व्यापक पर्यावरण हित में भी है. दीपावली इन लोगों के वर्षभर का सबसे बड़ा उत्सव आय-अर्जन व घर-परिवार की आर्थिक दशा सुधारने का माध्यम है. अब इनसे किसी भी प्रकार का टैक्स या वसूली नहीं की जाएगी, जिससे इन्हे कोई नुकसान का सामना नहीं करना पड़ेगा.