मकर संक्राति: कोरोना और ठंड पर भारी पड़ी आस्था, 5 लाख लोगों ने लगाई श्रद्धा की डूबकी

Makar Sankranti

The Fact India: माघ मेला के पहले स्नान पर्व यानी मकर संक्रांति (Makar Sankranti) पर कोरोना संक्रमण और  ठंड व कोहरे पर आस्था भरी पड़ रही है. मकर संक्रांति के पावन पर्व पर संगम सहित गंगा तथा यमुना के सभी स्नान घाटों पर ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं के स्नान का क्रम शुरू हो गया. मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में संगम व गंगा के पवित्र जल में स्नान का सिलसिला भोर में आरंभ हो गया. सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दिन में 2:03 बजे होगा, लेकिन मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु स्नान कड़ाके की ठंड के बीच करीब चार बजे से स्नान -दान और गोदान में जुट गए. संगम के अलावा गंगा के अक्षयवट, काली घाट, दारागंज, फाफामऊ घाट पर भी स्नान चल रहा है. प्रशासन का दावा है कि सुबह दस बजे पांच लाख श्रद्धालु पुण्‍य की डुबकी लगा चुके हैं. जैसे- जैसे दिन निकल रहा है श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है.

पांच ग्रहों का योग बना शुभ संयोग

सूर्य के मकर राशि के प्रवेश को मकर संक्रांति (Makar Sankranti) कहते हैं. मकर संक्रांति प्रात? सूर्योदय के बाद पुण्यकाल में पवित्र स्थानों पर स्नान दान का महत्व होता है. इस पुण्यकाल में स्नान, सूर्य उपासना , जप , अनुष्ठान, दान-दक्षिणा करते है. काले तिल, गुड़ , खिचड़ी, कंबल व लकड़ी के दान का विशेष महत्व है. इस बार गुरु शुक्र अस्त के चलते विवाह आदि मांगलिक कार्य अप्रैल से होंगे. सूर्य सुबह 8:30 बजे उत्तरायण हुआ और मकर राशि में प्रवेश कर गया. सुबह 8:30 बजे से शाम 5:34 तक रहेगा. संक्रांति में दान और स्नान का महत्व है.