गहलोत सरकार के बजट घोषणाओं के सहारे क्या कांग्रेस जीतेगी उपचुनाव का रण!

The Fact India: उपचुनाव के रण में मतदाताओं को लुभाने के लिए कांग्रेस और भाजपा ने वादों का अम्बार लगा दिया है. लेकिन इसमें सूबे की अशोक गहलोत सरकार के कई बड़े और अहम फैसले चुनाव का रुख बदल सकते हैं. कांग्रेस को उम्मीद है कि सरकार की इन योजनाओं का सीधा फायदा पार्टी को होगा. लिहाजा कांग्रेस इन योजनाओं को चुनाव में भुनाने की हर संभव कोशिश कर रही है.

मुख्यमंत्री गहलोत ने बड़ा दांव खेलते हुए बजट घोषणाओं में दिवंगत विधायकों के नाम से उपचुनाव वाले क्षेत्रों में कॉलेज खोलने का वादा किया है. जिसका सीधे तौर पर फायदा कांग्रेस को मिल सकता है. इसके अलावा सीएम गहलोत ने बजट में 943 घोषणाएं करके सभी को हैरान कर दिया था.

इन फैसलों का मिल सकता है फायदा

-ईडब्ल्यूएस वर्ग को अन्य आरक्षित वर्ग की तरह आयु और शुल्क में छूट का किया गया है प्रावधान
-गहलोत सरकार के इस फैसले से पार्टी को सवर्ण वर्ग का साथ मिलने की है उम्मीद
-मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपए के स्वास्थ्य बीमा का किया गया है प्रावधान
-गहलोत ने योजना के लिए ई-मित्र पर पंजीयन में लगने वाला शुल्क भी हटाया
-हर आम आदमी को राहत देने वाले इस बड़े कदम से पार्टी को चुनावी फायदा मिलने की है उम्मीद

राजसमंद में माकन ने संभाला मोर्चा, कहा- भाजपा ने 23 साल में नहीं किया विकास

-प्रशासन गांवों के संग अभियान के ऐलान से ग्रामीण मतदाताओं का साथ पार्टी को मिलने की उम्मीद
-भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए उच्चस्तरीय कमेटी के गठन का सरकार ने लिया है निर्णय
-उपचुनाव से पहले बेरोजगारों के कई मुद्दों को लेकर भी सीएम से वार्ता से दौरान बनी सहमति
-इन फैसलों से पार्टी को बेरोजगार और युवा वर्ग का साथ मिलने की जताई जा रही संभावना
-एमबीसी आरक्षण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी का लिया गया निर्णय
-इससे गुर्जर वोटों के साथ ही एमबीसी में शामिल दूसरी जातियों को साधने में मिलेगी मदद